हिमाचली खबर: Kitchen Dustbin Direction: आजकल के फ्लैट कल्चर में किचन को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि कम से कम जगह में ज्यादा से ज्यादा सामान आसानी से रख सकें। अक्सर स्पेस बचाने और कचरे को मेहमानों की नजरों से छिपाने के लिए लोग किचन सिंक के नीचे ही डस्टबिन रख देते हैं। कूड़ेदान को इस तरह रखने से किचन भले ही साफसुथरी नजर आए लेकिन इससे भयंकर वास्तु दोष उत्पन्न होता है। ऐसे में जानिए किचन में डस्टबिन रखने के लिए कौन सी जगह और दिशा सबसे उत्तम होती है।

Kitchen Dustbin Direction: सिंक के नीचे डस्टबिन रखना सही या गलत? जानिए किचन में कूड़ेदान रखने की सही दिशा​
Kitchen Dustbin Direction: सिंक के नीचे डस्टबिन रखना सही या गलत? जानिए किचन में कूड़ेदान रखने की सही दिशा​

सिंक के नीचे डस्टबिन रखना सही या गलत?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन सिंक के ठीक नीचे डस्टबिन नहीं रखना चाहिए। दरअसल ऐसा इसलिए है क्योंकि किचन का सिंक जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जो तरक्की और धन के प्रवाह को दर्शाता है। वहीं दूसरी तरफ डस्टबिन राहुकेतु की नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में जब आप जल तत्व के ठीक नीचे कचरे की बाल्टी रख देते हैं, तो इससे धनधान्य में कमी आने लगती है। साथ ही इससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य भी बिगड़ने लगता है।

लेकिन अगर मजबूरी हो, तो क्या करें?

अगर आपकी रसोई में कूड़ेदान रखने का कोई अन्य उचित स्थान नहीं है जिस कारण आपको मजबूरी में सिंक के नीचे ही डस्टबिन रखना पड़ रहा है तो ऐसे में आप वास्तु दोष से बचने के लिए ये उपाय कर सकते हैं…

  • सिंक के नीचे हमेशा ढक्कन वाला ही डस्टबिन इस्तेमाल करें और खुला हुआ कूड़ेदान यहां भूलकर भी न रखें।
  • इस बात का भी ध्यान रखें कि सिंक के नीचे वाले कैबिनेट में कभी भी सीलन नहीं होनी चाहिए। वह जगह हमेशा सूखी और साफ होनी चाहिए।
  • डस्टबिन के आसपास कपूर के टुकड़े रखें जिससे वहां नकारात्मक ऊर्जा एकत्रित न होने पाए।

किचन में कूड़ेदान रखने की सही दिशा

  • किचन में कूड़ेदान रखने के लिए सबसे बेस्ट दिशा दक्षिणपश्चिम यानी नैऋत्य कोण माना जाता है। कहते हैं इस दिशा में डस्टबिन रखने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है।
  • दक्षिणपश्चिम के अलावा उत्तरपश्चिम दिशा या पश्चिम दिशा में भी कूड़ेदान रख सकते हैं।
  • भूलकर भी उत्तरपूर्व, दक्षिणपूर्व या पूर्व दिशा में कूड़े की बाल्टी नहीं रखनी चाहिए क्योंकि इससे कंगाली आने की आशंका रहती है।