हिमाचली खबर: Lucknow News: राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित विश्वनगर मल्हार्ड टोला में नवविवाहिता श्वेता सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया. बीते सोमवार सुबह करीब 11 श्वेता का शव ससुराल में फंदे से लटका मिला. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने तथा हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

दामाद का पैर पकड़ गिड़गिड़ाए थे पिता, अब फंदे से लटकी मिली बेटी; लखनऊ की श्वेता पर हुए टॉर्चर की कहानी​
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शादी के दिन से ही शुरू हो गई थी दहेज की मांग

जानकारी के मुताबिक, की शादी 22 नवंबर 2025 को काशी विहार निवासी भूपेंद्र प्रताप सिंह उर्फ शुभम सिंह से हुई थी. भूपेंद्र एक निजी लैब में कार्यरत बताया जा रहा है. श्वेता अपने परिवार की तीन बहनों में सबसे छोटी और बेहद लाडली थी. परिवार का आरोप है कि शादी के दिन से ही दूल्हा और उसका परिवार दहेज को लेकर नाराज था. श्वेता की बड़ी बहन ने बताया कि विवाह समारोह के दौरान ही भूपेंद्र ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी थी. जब मांग पूरी नहीं हुई तो उसने नाराजगी जाहिर करते हुए श्वेता को विदाई के समय किसी से मिलने तक नहीं दिया. परिवार का आरोप है कि उस दौरान श्वेता के बुजुर्ग पिता को दामाद को मनाने के लिए उसके पैर तक पकड़ने पड़े, लेकिन उसका व्यवहार नहीं बदला.

10 लाख रुपए और स्कॉर्पियो की थी मांग

मृतका के पिता उमेश सिंह ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. ससुराल पक्ष 10 लाख रुपए नकद और एक महंगी कार स्कॉर्पियो की मांग कर रहा था. उन्होंने बताया कि वह एक प्राइवेट नौकरी करते हैं और इतनी बड़ी मांग पूरी करने में सक्षम नहीं थे. इसी वजह से उनकी बेटी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता रहा. परिवार के अनुसार, पति भूपेंद्र सिंह मायके से आए सामान को लेकर भी श्वेता को अपमानित करता था. सोफा, बेड और अन्य सामान को लेकर ताने दिए जाते थे और बारबार स्कॉर्पियो कार की मांग दोहराई जाती थी.

शरीर पर मिले थे चोट और खरोंच के निशान

श्वेता की बहनों ने बताया कि 24 मई को जब उन्होंने श्वेता से मुलाकात की थी, तब उसके शरीर पर चोट और खरोंच के कई निशान दिखाई दिए थे. पूछने पर श्वेता ने बताया था कि उसे ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा है. परिजनों का कहना है कि सास और ननद भी उसे लगातार ताने देती थीं. जब श्वेता अपनी परेशानी मायके में बताती थी तो परिवार इसे सामान्य घरेलू विवाद समझकर उसे समझौता करने की सलाह देता रहा. अब परिवार को इस बात का गहरा अफसोस है.

नौकरी भी छुड़वाने का आरोप

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद श्वेता को नौकरी करने से रोक दिया गया था. परिजनों के मुताबिक, श्वेता आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती थी और दोबारा नौकरी करना चाहती थी, लेकिन उसके पति को यह मंजूर नहीं था.

मेरी बेटी की हत्या की गई

मृतका के पिता उमेश सिंह ने आरोप लगाया कि सोमवार रात उन्हें दामाद और उसके परिवार की ओर से सूचना दी गई कि उनकी बेटी के साथ हादसा हो गया है. जब वह ससुराल पहुंचे तो श्वेता वहां नहीं मिली. बाद में उन्हें पता चला कि उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है. उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर उनकी बेटी मृत अवस्था में मिली और उसके गले पर फंदे के निशान थे. पिता ने आरोप लगाया कि श्वेता की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है. उन्होंने मुख्यमंत्री से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग की है.

पति, सासससुर समेत 5 लोगों पर FIR

डीसीपी पश्चिम कमलेश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पति भूपेंद्र सिंह, ससुर कौशलेंद्र सिंह, सास रचना सिंह, देवर बंटी सिंह और ननद प्रिया सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मानसिक क्रूरता और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.