दुनिया भर से लाखों मुसलमान इस्लाम के सबसे पवित्र धार्मिक कर्तव्यों में से एक को पूरा करने के लिए मक्का में इकट्ठा होते हैं. मस्जिद अल हरम के केंद्र में काबा बसा है. यह एक पवित्र, क्यूब के आकार की संरचना है जो काले रेशमी कपड़े से ढकी है. आइए जानते हैं कि आखिर इसके अंदर क्या होता है.

अपने धार्मिक महत्व के बावजूद काबा के अंदर कोई खजाना, मूर्ति या फिर सजावट नहीं है. इस संरचना के अंदर संगमरमर का फर्श और दीवारें हैं. इसी के साथ छत को सहारा देने वाले तीन बड़े लकड़ी के खंबे हैं और लटकते हुए दीपक और धूपदान हैं.

काबा के अंदर कई ऐतिहासिक विशेषताएं हैं जो सदियों से संरक्षित हैं. इनमें पिछले मुस्लिम शासकों द्वारा लगाई गई संगमरमर की पट्टी और बाब अल तौबा के नाम से जाना जाने वाला एक सुनहरा दरवाजा है. इस दरवाजे के पीछे एक सीढ़ी है जो सीधे काबा की छत तक जाती है.

अंदर की ऊपरी दीवारें और छत गहरे हरे रंग के रेशमी कपड़े से ढकी हैं. इस पर सोने और चांदी के धागों से कुरान की आयतें खड़ी हुई हैं.

काबा के अंदर एक खास स्थान है जिसे पारंपरिक रूप से उस जगह से जोड़ा जाता है जहां माना जाता है कि मक्का विजय के बाद पैगंबर मोहम्मद ने प्रार्थना की थी. यह क्षेत्र दुनिया भर के मुसलमानों के लिए गहरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है.

काबा में प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध है और आम आगंतुकों और ज्यादातर तीर्थ यात्रियों को, यहां तक कि हज के दौरान भी प्रवेश नहीं दिया जाता. पवित्र स्थल के अंदर सुरक्षा, गरिमा और भीड़ नियंत्रण बनाए रखने के लिए इसके दरवाजा को काफी दुर्लभ मौकों पर ही खोला जाता है.

काबा में प्रवेश की अनुमति आमतौर पर सऊदी शाही परिवार के सदस्यों, वरिष्ठ इस्लामी विद्वान, रख-रखाव कर्मचारी और ऐतिहासिक अल शैबी परिवार तक ही सीमित होती है. यह परिवार सदियों से काबा की चाबियों की पारंपरिक रूप से रखवाली करता आ रहा है.