हिमाचली खबर: FIFA World Cup Winner Youngest Captains: फीफा विश्व कप जीतना हर फुटबॉलर का सपना होता है, लेकिन कम उम्र में कप्तानी करते हुए अपनी टीम को चैंपियन बनाना एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। फुटबॉल इतिहास में कुछ ऐसे युवा कप्तान हुए हैं जिन्होंने अपने नेतृत्व और शानदार प्रदर्शन से विश्व मंच पर अमिट छाप छोड़ी। अर्जेंटीना के डैनियल पासरेला, इंग्लैंड के बॉबी मूर, अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना, ब्राजील के कार्लोस अल्बर्टो और इटली के ग्यूसेपे मेआजा उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने युवा उम्र में अपनी टीम को फीफा विश्व कप का खिताब दिलाकर इतिहास रच दिया।

डैनियल पासरेला
25 मई 1953 को ब्यूनस आयर्स में जन्मे पासरेला फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे युवा कप्तान हैं, जिन्होंने 25 साल 30 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था। 25 जून 1978 को पासरेला की कप्तानी में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड के खिलाफ 31 से खिताबी जीत हासिल की थी।
बॉबी मूर
एसेक्स में 12 अप्रैल 1941 को जन्मे बॉबी की कप्तानी में इंग्लैंड ने 30 जुलाई 1966 को अपना पहला और एकमात्र फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता था। लंदन में खेले गए इस मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने वेस्ट जर्मनी के खिलाफ 42 से जीत हासिल करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। उस समय बॉबी महज 25 साल 109 दिन के थे।
डिएगो माराडोना
के इस दिग्गज खिलाड़ी का जन्म 30 अक्टूबर 1960 को हुआ था। 29 जून 1986 को मैक्सिको सिटी में खेल गए फाइनल मैच में अर्जेंटीना ने वेस्ट जर्मनी के खिलाफ 32 से जीत हासिल की थी। उस समय माराडोना सिर्फ 25 साल 252 दिन के थे।
कार्लोस अल्बर्टो
ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 17 जुलाई 1944 को जन्मे अल्बर्टो ने 25 साल 339 दिन की उम्र में बतौर कप्तान फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई थी। मैक्सिको सिटी में 21 जून 1970 को यह मैच ब्राजील और इटली के बीच खेला गया था, जिसमें ब्राजील ने 41 से जीत हासिल की।
ग्यूसेपे मेआजा
23 अगस्त 1910 को मिलान में जन्मे मेआजा इस लिस्ट में पांचवें पायदान पर हैं, जिन्होंने 19 जून 1938 को ट्रॉफी उठाई थी। कोलंबस में खेले गए इस मैच में इटली ने हंगरी के खिलाफ 42 से जीत हासिल की थी। उस समय मेआजा 27 साल 300 दिन के थे।
IANS इनपुट के साथ



