शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ती महंगाई के बीच राशन कार्ड धारकों को एक और झटका लगा है। सरकारी राशन डिपुओं में मिलने वाले सरसों के तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अब पहले के मुकाबले अधिक कीमत चुकानी होगी, जिसका सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ने वाला है।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश के सरकारी डिपुओं में मिलने वाला सरसों का तेल अब 153 रुपये प्रति लीटर की बजाय 160 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध होगा। यानी प्रति लीटर तेल पर 7 रुपये की वृद्धि की गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने नई दरों की पुष्टि की है।

हालांकि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद डिपुओं में मिलने वाला सरसों का तेल खुले बाजार की तुलना में काफी सस्ता रहेगा। वर्तमान में बाजार में सरसों तेल की कीमत करीब 220 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। ऐसे में डिपुओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को प्रति लीटर लगभग 60 रुपये तक की बचत मिलती रहेगी।

प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत करीब 19.5 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को हर महीने आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। पात्र परिवारों को योजना के तहत प्रति माह दो लीटर खाद्य तेल प्रदान किया जाता है। ऐसे में तेल की कीमतों में हुई वृद्धि का असर बड़ी संख्या में परिवारों पर पड़ेगा, हालांकि बाजार दरों की तुलना में उन्हें अब भी राहत मिलती रहेगी।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद तेल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सप्लाई ऑर्डर जारी किए जाएंगे। विभाग का प्रयास है कि प्रदेश के सभी जिलों, विशेषकर दूरदराज क्षेत्रों में खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनी रहे।

वर्तमान में प्रदेश के राशन डिपुओं पर राशन कार्ड धारकों को मलका दाल, माश दाल, चना दाल, सरसों एवं रिफाइंड तेल, चीनी, नमक, आटा और चावल जैसी आवश्यक वस्तुएं रियायती दरों पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। ऐसे में महंगाई के दौर में सरकारी डिपो लाखों परिवारों के लिए राहत का महत्वपूर्ण माध्यम बने हुए हैं, हालांकि तेल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है।