Telangana Crime News: सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किस तरह किसी को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है, इसका एक सनसनीखेज मामला तेलंगाना के शमशाबाद से सामने आया है. शमशाबाद जोन टास्क फोर्स पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो इंस्टाग्राम पर रील्स देखकर घर में ही नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने का धंधा चला रहा था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को धर दबोचा है, जबकि उनका एक साथी फिलहाल फरार चल रहा है.

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नालगोंडा जिले के रहने वाले रमावत रामू, रमावत मोतीलाल, रमावत गांधी और उनका साथी सुधीर रातोंरात अमीर बनने और आसानी से पैसे कमाने का सपना देख रहे थे. इसी चक्कर में उन्होंने इंस्टाग्राम रील्स खंगालनी शुरू कीं.

रील्स देखकर उन्होंने सीखा कि कलर प्रिंटर और साधारण कागजों की मदद से नकली नोट कैसे तैयार किए जाते हैं. इसके बाद उन्होंने 500 रुपये, 200 रुपये और 100 रुपये के भारतीय नोटों के नकली प्रिंट निकालना शुरू कर दिए.

रात में शराब की दुकानों और पान के टपरों पर करते थे सप्लाई

आरोपी दिन में नोट छापते थे और रात के अंधेरे में उन्हें बाजार में खपाते थे. पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी रात के समय शराब की दुकानों, ढाबों और छोटेछोटे पान के डिब्बों/गुमटियों पर जाते थे, जहां कम रोशनी और जल्दबाजी का फायदा उठाकर आसानी से असली नोटों के बीच जाली नोट पकड़ा देते थे.

छपे हुए नकली नोट और प्रिंटिंग मशीनरी जब्त

इलाके में नकली नोटों का प्रचलन बढ़ने की भनक लगते ही शमशाबाद टास्क फोर्स ने अपनी गुप्त जांच शुरू की. सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के पास से 2,91,100 रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद किए हैं. इसके साथ ही अपराध में इस्तेमाल किया जा रहा एक कलर प्रिंटर, लैमिनेटर मशीन, इंक कार्ट्रिज और जाली नोट बनाने से जुड़ा अन्य कागजी सामान भी जब्त कर लिया गया है. तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

ऐसा कंटेंट बनाने व देखने वालों को चेतावनी

मामले का खुलासा करते हुए टास्क फोर्स के अतिरिक्त डीसीपी केएस राव ने आम जनता और युवाओं को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि शॉर्टकट से पैसा कमाने के फेर में सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कानूनन गंभीर अपराध है.

एडिशनल डीसीपी ने स्पष्ट किया कि केवल जाली नोट छापने वाले ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जाली मुद्रा बनाने या उसे बढ़ावा देने वाले कंटेंट/रील्स को शेयर और प्रमोट करने वालों के खिलाफ भी पुलिस सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी.