
Noida Police : नोएडा की एक डॉक्टर के पीछे मरीज पड़ गया। मरीज ने डॉक्टर को परेशान करना शुरू कर दिया। स्थिति तो यहां तक पहुंच गई कि बात ना करने पर मरीज क्लिनिक के कर्मचारियों को भी परेशान करने लगा। इसके बाद तंग आकर डॉक्टर ने कार्रवाई करने का फैसला लिया और पुलिस में शिकायत दी है, पुलिस ने कई मामलों में केस दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
30 साल की एक महिला डॉक्टर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि उसके क्लिनिक में ऑपरेशन करवाने वाला एक मरीज उसे कई महीने से परेशान कर रहा हैं और प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा था। वह ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि महिला डॉक्टर 48 साल के पीयूष दत्त कौशिक के प्रस्ताव को ठुकरा चुकी हैं। डॉक्टर की शिकायत के अनुसार, पीयूष दत्त कौशिक (48) 5 अप्रैल, 2024 को सुबह करीब 10.30 बजे उसके क्लिनिक में आया था। दाईं आंख की रोशनी बहुत कम थी ऐसे में सर्जरी की सलाह दी गई। डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि पहले एक चेक-अप के दौरान कौशिक ने उसे परेशान किया।
डॉक्टर ने शिकायत में लिखा है, “सर्जरी से पहले एक चेक-अप के दौरान कौशिक ने अनुचित टिप्पणी की। जैसे कि ‘डॉक्टर, आप बहुत सुंदर हैं, यह अच्छा है कि आप अविवाहित हैं और जब आप मुझे छूते या जांचते हैं तो मुझे अच्छा लगता है।” डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने उनके बयान को अनदेखा किया। सर्जरी के बाद कौशिक को उसी दिन छुट्टी दे दी गई। सर्जरी के बाद उनकी 30-40% दृष्टि बहाल हो गई थी।
डॉक्टर ने आरोप लगाया कि इसके बाद कौशिक उन्हें बार-बार और दिन के अजीब समय पर फोन करता रहा। डॉक्टर ने शुरू में उनके फोन का जवाब दिया, यह सोचकर कि उसकी कॉल स्वास्थ्य से संबंधित हो सकती है लेकिन वह व्यक्तिगत बातचीत में शामिल होने की कोशिश करता रहा। डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि वह उसके व्यवहार से परेशान थी और उसने अपने माता-पिता को सब कुछ बताया, जिन्होंने उसे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
डॉक्टर ने लिखा कि जब कौशिक का व्यवहार असहनीय हो गया तो उसने उसकी पत्नी को भी इसके बारे में जानकारी दी और उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। इससे वह और भी क्रोधित हो गया और उसने आरडब्ल्यूए व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज कर मुझे बदनाम करना शुरू कर दिया। उसने मेरे कर्मचारियों को मजबूर किया, उन पर दबाव डाला कि वे मुझे उससे बात करने के लिए राजी करें।
डॉक्टर का आरोप है कि कौशिक के आरोपों के कारण मेरे मरीजों ने फर्जी आरोपों के बारे में मुझसे सवाल करना शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप मेरे क्लिनिक में आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई। इस मानसिक उत्पीड़न ने मुझे अन्य स्थानों पर सर्जरी करना भी बंद करने पर मजबूर कर दिया।” मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि बीएनएस की धारा 75(2) (यौन उत्पीड़न) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।