पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम उन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है, जो अपने निवेश से हर महीने नियमित आय चाहते हैं. यह सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल है और इसमें बाजार से जुड़े निवेश की तरह उतारचढ़ाव का जोखिम नहीं होता. लेकिन अगर MIS खाताधारक की मृत्यु हो जाए तो खाते में जमा पैसे का क्या होता है? यह सवाल निवेश करने वाले लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है.

पोस्ट ऑफिस MIS क्या है?

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम को नेशनल सेविंग स्कीम, 2019 के तहत चलाया जाता है. इस योजना की अवधि 5 साल होती है. वर्तमान में इस पर 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है, जिसका भुगतान हर महीने किया जाता है. एक व्यक्ति अपने सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये निवेश कर सकता है.

किसे मिलेगा पैसा?

अब सवाल है कि खाताधारक की मृत्यु होने पर खाते में जमा रकम किसे मिलेगी. अगर MIS अकाउंट में नॉमिनी यानी नामित व्यक्ति दर्ज है, तो वह व्यक्ति जरूरी दस्तावेज जमा करके रकम पर दावा कर सकता है. इसके लिए निर्धारित क्लेम फॉर्म, खाताधारक का मूल मृत्यु प्रमाण पत्र, पासबुक, आधार और KYC से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. जरूरत के अनुसार अन्य दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं. अगर खाते में एक से ज्यादा नॉमिनी दर्ज हैं, तो रकम उनके लिए तय किए गए हिस्से के अनुसार बांटी जाती है. अगर हिस्सेदारी पहले से तय नहीं है, तो जीवित नामांकित व्यक्तियों को बराबर हिस्सा मिल सकता है.

नॉमिनी नहीं है तो क्या होगा?

अगर MIS खाते में कोई नॉमिली दर्ज नहीं है, तो खाताधारक के कानूनी वारिस रकम पर दावा कर सकते हैं. 5 लाख रुपये तक के कुछ मामलों में निर्धारित दस्तावेजों, जैसे एफिडेविट, इंडेम्निटी और डिस्क्लेमर आदि के आधार पर क्लेम का निपटारा किया जा सकता है. यह संबंधित नियम और परिस्थितियों पर निर्भर करता है. वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक की रकम के मामले में, अगर कानूनी प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, तो कोर्ट से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ सकती है. अगर रकम को लेकर विवाद हो, तो अदालत से मिलने वाला कानूनी आदेश भी जरूरी हो सकता है. ऐसी स्थिति में क्लेम की प्रोसेस लंबी हो सकती है.

अगर यह Joint MIS Account है, तो किसी एक खाताधारक की मृत्यु के बाद बचे हुए खाताधारक योजना के नियमों के अनुसार खाते को जारी रख सकते हैं. यानी खाताधारक की मृत्यु होने से MIS में जमा पैसा खत्म नहीं होता. सही और अपडेटेड नॉमिनी दर्ज होने से परिवार के लिए पैसा प्राप्त करने की प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है.