कभी अपना घर खरीदना सिर्फ बड़े शहरों और ज्यादा कमाने वाले परिवारों का सपना माना जाता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में हालात तेजी से बदल रहे हैं. प्रदेश के अलगअलग शहरों में हजारों फ्लैट और आवासीय योजनाएं आम लोगों के लिए खोली जा रही हैं. खास बात यह है कि इनमें ऐसे विकल्प भी शामिल हैं जिनकी शुरुआती कीमत महज 7.80 लाख रुपये है और फ्लैट्स की संख्या भी 2500 से ज्यादा है. यानी नौकरीपेशा परिवारों, मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए अब अपने घर का सपना पहले से कहीं ज्यादा करीब दिखाई दे रहा है.

आप जब भी किसी परदेस कमाने वाले से पूछेंगे तो कि भाई क्या हाल हैं…वह दो तीन आह में आपको बता देगा ठीक ही चल रहा है. महंगाई ज्यादा है. किराया मार डाल रहा है…किराया देना अपने गांवदेहात से निकले हर उस आदमी की समस्या है जो दिल्लीबंबई, नोएडा जैसे शहरों में कमाता है. वह जरूर यह एक दफा सोचता है कि जितना किराया दे रहा हूं उसते की EMI देकर एक घर भी लिया जा सकता है. सस्ते में घर खरीदने वालों के लिए ही यूपी सरकार ने ये स्कीम चालू की है. उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद और राज्य के विकास प्राधिकरणों ने मिलकर प्रदेश के कई शहरों में फ्लैट और प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध कराए हैं. इनमें लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर और सुल्तानपुर जैसे शहर शामिल हैं.

कैसे मिलेगा सस्ते में घर?

यूपी सरकार की इन योजनाओं का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलने वाला है जो पहली बार घर खरीदना चाहते हैं. नौकरीपेशा परिवार, मध्यम वर्ग, छोटे व्यवसायी और निवेशक सभी के लिए अलगअलग बजट और जरूरत के हिसाब से विकल्प मौजूद हैं. इन फ्लैट्स का आवंटन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जा रहा है. सभी परियोजनाएं रेरा के तहत रजिस्टर्ड हैं, जिससे खरीदारों को कानूनी सुरक्षा और पारदर्शिता का भरोसा मिलता है. वहीं, जल्दी भुगतान करने वालों के लिए विशेष छूट का भी प्रावधान किया गया है. 45 दिनों के भीतर पूरा भुगतान करने पर 6 प्रतिशत, 60 दिनों में भुगतान पर 5 प्रतिशत और 90 दिनों में भुगतान करने पर 4 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. इच्छुक खरीदार हाउसिंग बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट upavp.in पर जा सकते हैं. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबरों 18001805333 या 05222236803 पर भी संपर्क किया जा सकता है.

लखनऊ बना सबसे बड़ा हाउसिंग हब

अगर ऑप्शंस की बात करें तो इस समय लखनऊ सबसे आगे दिखाई देता है. राजधानी में एक साथ 1646 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं. इनमें एक बीएचके, दो बीएचके और तीन बीएचके तक के विकल्प मौजूद हैं. शहर के अलगअलग हिस्सों में स्थित ये फ्लैट मेट्रो, स्कूल, अस्पताल और बाजार जैसी सुविधाओं के नजदीक हैं.

कानपुर रोड पर तीन बड़े प्रोजेक्ट

कानपुर रोड इलाके में तीन प्रमुख परियोजनाएं हैं.

  • मानसरोवर योजना के सेक्टरपी में स्थित सनराइज अपार्टमेंट में 60 दो बीएचके फ्लैट उपलब्ध हैं.
  • एलडीए कॉलोनी के सेक्टरएच में बने पूर्वा अपार्टमेंट में 78 एक बीएचके फ्लैट हैं.
  • हिंदनगर स्थित श्रवण अपार्टमेंट में 124 तीन बीएचके फ्लैट उपलब्ध हैं.

इन परियोजनाओं की सबसे बड़ी खासियत उनकी बेहतर कनेक्टिविटी है. कई प्रोजेक्ट मेट्रो स्टेशन से कुछ किलोमीटर की दूरी पर हैं, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले परिवारों को सुविधा मिलेगी.

रायबरेली रोड पर बढ़ती मांग

रायबरेली रोड का इलाका पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है. यहां स्थित रश्मि लोक परियोजना में 156 फ्लैट उपलब्ध हैं. स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जैसी सुविधाएं एक किलोमीटर के दायरे में मौजूद हैं, जिसके कारण यह परिवारों के लिए आकर्षक विकल्प बन रहा है.

जानकीपुरम में सबसे ज्यादा फ्लैट

राजधानी में सबसे ज्यादा विकल्प जानकीपुरम क्षेत्र में मौजूद हैं.

यहां की दो परियाजनाओं में फ्लैट खाली हैं, जिनमें कुल 900 से ज्यादा फ्लैट उपलब्ध हैं. यही वजह है कि सीमित बजट वाले खरीदारों के लिए यह इलाका सबसे बड़ी पसंद बनकर उभर रहा है.

गोमतीनगर में प्रीमियम विकल्प

जो लोग बेहतर लोकेशन और विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर चाहते हैं, उनके लिए गोमतीनगर में भी अवसर मौजूद हैं.

  • पारिजात अपार्टमेंट में 78 फ्लैट उपलब्ध हैं.
  • पंचशील अपार्टमेंट में 216 फ्लैट खरीदे जा सकते हैं.
  • इन परियोजनाओं के आसपास स्कूल, बस स्टेशन और अन्य शहरी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं.

गाजियाबाद में 904 फ्लैट खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण गाजियाबाद हमेशा से हाउसिंग बाजार का बड़ा केंद्र रहा है. यहां गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के तीन प्रमुख प्रोजेक्ट्स में कुल 904 फ्लैट खाली पड़े हैं, जिन्हें अब “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर बेचा जा रहा है. आप इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 01204418384, वॉट्सएप 9990988004 या ईमेल helplinegda@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं.

सबसे ज्यादा 456 फ्लैट कोयल एन्क्लेव योजना में दो बीएचके श्रेणी में उपलब्ध हैं.

  • कोयल एन्क्लेव में 155 एक बीएचके फ्लैट उपलब्ध हैं.
  • मधुबनबापूधाम पॉकेटएफ में 133 फ्लैट खाली हैं.
  • इंद्रप्रस्थ योजना में 160 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं.

वाराणसी और कानपुर में नई आवासीय संभावनाओं की तैयारी

धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में पहचान रखने वाला वाराणसी अब तेजी से रियल एस्टेट निवेश का केंद्र बनता जा रहा है. वाराणसी विकास प्राधिकरण आनंद काशी सिटी आवासीय योजना पर काम कर रहा है. यह परियोजना रिंग रोड और ट्रांसपोर्ट नगर योजना के पास विकसित की जा रही है. आने वाले समय में यहां नई आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं लॉन्च होने की उम्मीद है. शहर में बढ़ते पर्यटन, बेहतर सड़क नेटवर्क और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण वाराणसी निवेशकों और घर खरीदने वालों दोनों के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य बनता जा रहा है. औद्योगिक शहर कानपुर में भी आवासीय गतिविधियां तेज हो रही हैं. कानपुर विकास प्राधिकरण ने न्यू कानपुर सिटी योजना के तहत प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसके अलावा प्राधिकरण अपने पुराने फ्लैट्स को रियायती दरों पर “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर उपलब्ध करा रहा है. शहर में मेट्रो और नई सड़क परियोजनाओं के चलते रियल एस्टेट बाजार में नई हलचल दिखाई दे रही है.

प्रयागराज में कुंभ के बाद बढ़ी आवासीय मांग

महाकुंभ के बाद प्रयागराज में आवासीय मांग लगातार बढ़ रही है. इसी को देखते हुए प्रयागराज विकास प्राधिकरण कुंभ क्षेत्र और नैनी बेल्ट के आसपास नई आवासीय योजनाओं पर काम कर रहा है. इनमें बहुमंजिला फ्लैट और रेजिडेंशियल विला शामिल हैं. बेहतर सड़क नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे नए इलाकों के कारण प्रयागराज अब सिर्फ धार्मिक शहर नहीं बल्कि उभरता हुआ शहरी केंद्र भी बनता जा रहा है.

आज जब महानगरों में घर खरीदना करोड़ों रुपये का सौदा बनता जा रहा है, तब उत्तर प्रदेश के शहरों में शुरू हुई ये योजनाएं मध्यम वर्ग के लिए राहत की खबर हैं. 8 लाख रुपये के आसपास से शुरू होने वाले फ्लैट सिर्फ एक संपत्ति नहीं बल्कि हजारों परिवारों के लिए अपने घर का सपना पूरा करने का मौका हैं. आने वाले वर्षों में प्रदेश का हाउसिंग बाजार शायद इसी बदलाव के लिए याद किया जाएगा, जहां घर सिर्फ अमीरों की जरूरत नहीं बल्कि आम लोगों की पहुंच में आने लगा है.