Bihar Darbhanga Violence In SubInspector Shot: बिहार के दरभंगा जिले के ओझौल गांव में मुहर्रम से पहले हिंसा की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। गांव में हुए विवाद के दौरान पटना सिविल कोर्ट में तैनात सबइंस्पेक्टर मोहम्मद मोबिन को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने कथित आरोपी सुनील साहनी को पकड़ लिया और उसकी पीटपीटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमामबाड़े के पास लगी सजावटी लाइट तोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि पुलिस आरोपी के सहयोगियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
मुहर्रम की तैयारियों के बीच एसआई को लगी गोली
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुनील साहनी कथित तौर पर शुक्रवार तड़के लगभग 4:30 बजे अपने कुछ साथियों के साथ गांव लौटा। गांव वालों का आरोप है कि उसने के उत्सव से पहले इमामबाड़े के पास लगाई गई सजावटी बत्तियों को तोड़ दिया।
तो वहीं गांव वालों ने उसके इस कृत्य का जमकर विरोध किया, जिसके कारण झड़प हुई। झगड़े के दौरान, सबइंस्पेक्टर मोहम्मद मोबिन ने कथित तौर पर स्थिति को शांत करने के लिए हस्तक्षेप किया। पुलिस सूत्रों और गांव वालों का आरोप है कि सुनील साहनी ने इसके बाद गोली चला दी, जिससे अधिकारी के पेट में गोली लगी। गोलीबारी के बाद गांव वालों और आसपास मौजूद लोगों ने कथित तौर पर आरोपी का पीछा किया और भागने की कोशिश करते समय उसे काबू कर लिया।
आरोपी की भीड़ ने पीटपीटकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, भीड़ ने उस पर हमला किया और धारदार हथियारों से उस पर वार भी किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारी भीड़ द्वारा की गई हिंसा की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। जांचकर्ताओं ने दो खाली कारतूस और खून से सना हुआ एक फरसा बरामद किया। पुलिस ने बताया कि घटना में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई पिस्तौल फिलहाल लापता है, और खबरों के मुताबिक कोई अज्ञात व्यक्ति उसे घटनास्थल से ले गया होगा।
आरोपी ने किया था अंतरधार्मिक विवाह
दरअसल सुनील साहनी से जुड़े तनाव कई वर्षों से चले आ रहे हैं, जिनमें लगभग तीन साल पहले हुए एक से संबंधित विवाद भी शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सुनील ने स्थानीय निवासी की बेटी सानिया से शादी की थी, जो सबइंस्पेक्टर मोहम्मद मोबिन के रिश्तेदार थे। कथित तौर पर परिवार के सदस्यों ने इस शादी का विरोध किया था।
आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस पुराने विवाद का शुक्रवार की हिंसा से कोई सीधा संबंध है या नहीं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सुनील साहनी के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज थे। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वह हाल के महीनों में अन्य हिंसक घटनाओं में भी शामिल था, हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए ओझौल गांव का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को मृतक के साथ घटना के समय मौजूद अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। एक फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया और आगे की जांच के लिए सबूत एकत्र किए। एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सहयोगियों की तलाश जारी
बता दें कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में पोस्टमार्टम सुविधा के बाहर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। बहादुरपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि सुनील साहनी के साथ कथित तौर पर घटना के समय मौजूद सहयोगियों का पता लगाने के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, जबकि पुलिस अधिकारी की गोलीबारी और उसके बाद भीड़ द्वारा की गई हत्या की जांच जारी है।



