Varanasi News: वाराणसी में पतिपत्नी के बीच विवाद का एक अलग मामला सामने आया है. यहां एक प्लंबर पति ने अपनी पत्नी पर नौकरी लगने के बाद उसे नीचा दिखाने और उसके काम को लेकर शर्मिंदगी जताने का आरोप लगाया है. पति का कहना है कि उसने मजदूरी और प्लंबर का काम करके पत्नी को पढ़ायालिखाया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई. पत्नी की सरकारी नौकरी लगने के बाद उसके व्यवहार में बदलाव आ गया. मामला शिवपुर थाना क्षेत्र के सरसवां गांव का है. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पति की शिकायत पर पत्नी, उसके पिता और दो भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

2011 में हुई थी शादी

शिकायतकर्ता माता प्रसाद यादव की शादी ममता यादव से वर्ष 2011 में हुई थी. उस समय ममता इंटर पास थीं. माता प्रसाद के मुताबिक, उन्होंने मेहनतमजदूरी और प्लंबर का काम करके पत्नी की पढ़ाई जारी रखी. उन्होंने पत्नी को बीए, एमए और बीएड तक की पढ़ाई कराई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद की. इस दौरान दोनों के दो बच्चे भी हुए. वर्ष 2022 में ममता यादव का आबकारी विभाग में चयन हो गया. फिलहाल वह आबकारी विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं.

नौकरी लगने के बाद शुरू हुआ विवाद

माता प्रसाद का आरोप है कि पत्नी की सरकारी नौकरी लगने के बाद दोनों के रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा. माता प्रसाद ने अपनी शिकायत में कहा कि ममता उनके प्लंबर और मजदूरी के काम को लेकर उन्हें ताने देने लगी. पति का आरोप है कि पत्नी उनके कम पढ़ेलिखे होने का मजाक उड़ाती थी और अपनी नौकरी व कमाई को लेकर उन्हें नीचा दिखाती थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी कईकई दिन घर से बाहर रहने लगी और परिवार के साथ विवाद करने लगी.

‘तुम मजदूर हो, कमोड साफ करते हो’

माता प्रसाद ने अपनी शिकायत में पत्नी पर अपमानजनक बातें कहने का भी आरोप लगाया. उनके मुताबिक, पत्नी उनसे कहती थी कि ‘तुम मजदूर हो और कमोड साफ करते हो, तुम्हारे साथ रहने में मुझे शर्म आती है.’ पति का यह भी आरोप है कि पत्नी बच्चों को उनसे मिलने से रोकती थी. शिकायत के अनुसार, उनसे कहा जाता था कि ‘बच्चे तुमसे मिलेंगे तो मजदूर बन जाएंगे.’

पैसे और गहने ले जाने का भी आरोप

शिकायत में माता प्रसाद ने आरोप लगाया कि 8 जनवरी 2024 को ममता घर आई और आलमारी से 48 हजार रुपए नकद और सोने के आभूषण लेकर अपने भाई के साथ चली गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 12 मई 2026 को पत्नी दोबारा घर आई और उनके साथ मारपीट की. पति का कहना है कि कई बार पुलिस बुलाकर भी उन्हें बेइज्जत कराया गया. बच्चों से मिलने नहीं दिया गया.

थाने में सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचे

माता प्रसाद का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की, लेकिन जब थाने में सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट का रुख किया. इसके बाद 21 सितंबर को सीजीएम कोर्ट के आदेश पर शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने पत्नी ममता यादव, उसके पिता और दो भाइयों के खिलाफ BNS की धारा 115 , 351 और 352 के तहत मामला दर्ज किया है. अब पुलिस मामले की जांच कर रही है.