उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय भवन का लोकार्पण किया। चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के पास बनाए गए इस शरणालय का निर्माण महिला कल्याण विभाग की ओर से कराया गया है। करीब 8.05 करोड़ रुपये की लागत से तैयार भवन में एक समय में 100 महिलाओं के रहने की क्षमता है।

इसका उद्देश्य कठिन सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रही महिलाओं को सुरक्षित आवास, संरक्षण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।
100 महिलाओं के रहने की क्षमता
राजकीय महिला शरणालय में महिलाओं के लिए आवासीय व्यवस्था के साथ कई जरूरी सुविधाएं विकसित की गई हैं। भवन में 10 डॉर्मेट्री कक्ष, चार अध्ययन कक्ष, रोगी कक्ष और क्रेच रूम बनाया गया है। इसके अलावा डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर, शौचालय और स्नानघर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
पुस्तकालय और प्रशासनिक सुविधाएं
शरणालय में रहने वाली महिलाओं के अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही भवन के संचालन के लिए वर्कशॉप, वार्डन कक्ष और कार्यालय भी बनाए गए हैं। इस तरह भवन में आवास के साथ दैनिक जरूरतों और प्रशासनिक कार्यों के लिए अलगअलग व्यवस्थाएं की गई हैं।
जरूरतमंद महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित राजकीय महिला शरणालय एक संरक्षणात्मक और आवासीय संस्था है। यहां घरेलू हिंसा, सामाजिक या पारिवारिक कठिनाइयों, संकटपूर्ण परिस्थितियों अथवा अन्य कारणों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अधिकारियों के अनुसार शरणालय का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को संरक्षण के साथ आवश्यक सहयोग देना है।
14.87 करोड़ से बन रहा किशोर संप्रेक्षण गृह
मुख्यमंत्री महिला शरणालय के लोकार्पण के साथ ही चरगांवा में निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण भी करेंगे। इस परियोजना पर 14.87 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इसकी क्षमता 100 किशोरों की होगी। परिसर में किशोर न्याय बोर्ड के लिए अलग ब्लॉक भी बनाया जा रहा है। परियोजना के फरवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास पर जोर
निर्माणाधीन संप्रेक्षण गृह में कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित और बालअनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की योजना है। यहां देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोसामाजिक सहयोग, कौशल विकास और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के बाद संबंधित बच्चों को नियमानुसार इस गृह में रखा जाता है।
गोरखनाथ मंदिर में भागवत कथा में होंगे शामिल
गोरखपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। यह आयोजन ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज की 57वीं और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया जा रहा है। वृंदावन के मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्रदास कथा का वाचन करेंगे।



