हिमाचल में नशा सप्लाई का ‘पाकिस्तान कनेक्शन’, ड्रोन से भारत पहुंचती थी खेप; आरोपियों ने किया खुलासा

सिरमौर पुलिस ने तरनतारन से एक और नशा तस्कर किया गिरफ्तार

नाहन: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पकड़े गए तीन नशा तस्करों के मामले की जांच में एक सनसनीखेज और बड़ा खुलासा हुआ है। कालाअम्ब में पकड़ी गई ‘चिट्टे’ की बड़ी खेप के तार अब सीधे सरहद पार यानी पाकिस्तान से जुड़ गए हैं।

सिरमौर पुलिस की गहन तफ्तीश में सामने आया है कि पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से नशे की यह खतरनाक खेप भारतीय सीमा में गिराई जाती थी, जहां से पंजाब के रास्ते इस ‘सफेद ज़हर’ को हिमाचल प्रदेश के युवाओं तक पहुंचाया जा रहा था। इस अंतर्राष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के तरनतारन क्षेत्र से एक और मुख्य आरोपी को धर दबोचा है।

नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कालाअम्ब पुलिस ने 11 अप्रैल, 2026 को 294 ग्राम चिट्टा बरामद कर दो आरोपियों, आकाशदीप और रणजीत को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस दौरान उनका वाहन चालक मौका देखकर फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन मालिक गंधर्व थापर को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया था।

यह भी पढ़ें :

शुरुआती तीन तस्करों से कड़ी पूछताछ और साइबर सैल सिरमौर के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का शक पंजाब के सीमावर्ती इलाकों पर गहराया। 17 मई, 2026 को पुलिस ने तरनतारन से वीरेंद्र पाल नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। वीरेंद्र पाल से हुई सख्ती से पूछताछ में यह खौफनाक सच सामने आया कि नशे की यह खेप किसी स्थानीय सप्लायर से नहीं, बल्कि सीमा पार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत भेजी जाती थी।

पाकिस्तानी कनेक्शन का खुलासा होते ही सिरमौर पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। कालाअम्ब थाना के एसएचओ कुलवंत सिंह कंवर की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें साइबर सैल के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया। मानवीय इनपुट और सर्विलांस के आधार पर पुलिस टीम ने पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब रेड मारकर नेटवर्क के एक और अहम मोहरे, उमर बीर सिंह को तरनतारन से धर दबोचा।

जांच की दिशा से यह संकेत मिला है कि नशे की सप्लाई का नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था। इसकी कड़ियां पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र तक जुड़ती दिखाई दे रही हैं और पुलिस पूछताछ में सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से खेप पहुंचाने की जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसियों की नजर उन लोगों पर है, जो कथित तौर पर सीमा से लेकर हिमाचल तक इस नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभा रहे थे।

सिरमौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क की जांच बेहद गंभीरता से की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि ड्रोन से डिलीवरी मिलने के बाद यह खेप हिमाचल और अन्य राज्यों में किनकिन माध्यमों और बिचौलियों के जरिए सप्लाई की जाती थी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा।