हिमाचल: आईपीएच विभाग का JE और महिला वकील चिट्टे की खेप के साथ गिरफ्तार; जा सकती है नौकरी

पुलिस ने कार से बरामद की चिट्टे की खेप, अंदर बैठे थे जेई और महिला वकील
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे का कारोबार किस कदर पैर पसार चुका है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब इस सफेद नशे की तस्करी से जुड़े मामलों में पढ़ेलिखे और प्रतिष्ठित पेशों से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आने लगे हैं। बिलासपुर जिले के स्वारघाट क्षेत्र में शनिवार सुबह STF की कार्रवाई के दौरान ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है।
गड्डामोड़ के पास एक कार से 12.4 ग्राम चिट्टा बरामद होने की सूचना है। मामले में कार सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें नादौन में IPH विभाग में तैनात एक जूनियर इंजीनियर और ऊना से संबंधित एक महिला एडवोकेट शामिल बताई जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह STF की टीम ने स्वारघाट के गड्डामोड़ के समीप नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान टीम ने एक कार को जांच के लिए रोका। कार का नंबर HP55D5008 बताया जा रहा है। तलाशी के दौरान कार से 12.4 ग्राम चिट्टा बरामद होने की बात सामने आई। नशीला पदार्थ बरामद होने के बाद कार में सवार दोनों लोगों को STF ने हिरासत में ले लिया।
हिमाचल:
कार्रवाई में जिन दो लोगों को पकड़े जाने की सूचना है, उनमें एक व्यक्ति नादौन स्थित IPH विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात बताया जा रहा है। वहीं दूसरी आरोपी महिला के ऊना से संबंधित अधिवक्ता होने की जानकारी सामने आई है। सरकारी विभाग में तैनात इंजीनियर और कानून के पेशे से जुड़ी महिला के कथित तौर पर चिट्टे के साथ पकड़े जाने की सूचना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, दोनों की भूमिका, बरामद नशीले पदार्थ का स्रोत और उनके खिलाफ लगाए जाने वाले आरोपों को लेकर आधिकारिक जांच पूरी होना अभी बाकी है।
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STF अब इस बात की जांच में जुटी बताई जा रही है कि कार में बरामद चिट्टा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके अलावा जांच एजेंसी संभावित सप्लायर और इस खेप से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद नशीला पदार्थ आरोपियों तक कैसे पहुंचा और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। STF द्वारा दोनों से पूछताछ किए जाने की सूचना है।
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फिलहाल मामले में STF या पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। इसलिए गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों की भूमिका, चिट्टे की बरामदगी और संभावित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की अंतिम पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। गड्डामोड़ में हुई इस कार्रवाई ने फिलहाल इतना जरूर साफ कर दिया है कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई अब सिर्फ नशे के छोटे मामलों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय संभावित नेटवर्क तक पहुंचना भी जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है।



