
बीते कुछ दिन पहले दिल्ली के आस्था कुंज पार्क से एक लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था. जहां 3 आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की का डराया-धमकाया और फिर उसके साथ रेप किया. अब इस पूरी वारदात को लेकर पीड़िता का बयान सामने आया है, जिसने उस दिन हुई पूरी घटना को पुलिस के सामने रखा. पुलिस को दिए अपने बयान में किशोरी ने आरोप लगाया है कि 21 सितंबर को तीन लोग पुलिसकर्मी बनकर उसके और उसकी सहेली के पास पहुंचे.
आरोप है कि तीनों ने बंदूक और चाकू दिखाकर दोनों को डराया, मोबाइल फोन छीन लिए और फिर किशोरी को उसकी सहेली से अलग कर दिया. पीड़िता के मुताबिक, वह अपने जन्मदिन पर एक पुरुष मित्र के साथ कालकाजी मंदिर गई थी और बाद में इस्कॉन मंदिर जाने की योजना थी. मंदिर में दर्शन के बाद वह अपनी सहेली के साथ आस्था कुंज पार्क पहुंची थी.
कब घर से निकली थी लड़की?
जांचकर्ताओं को दिए बयान में किशोरी ने बताया कि 21 सितंबर को उसका जन्मदिन था. उसने अपनी बड़ी बहन को जानकारी देने के बाद शाम करीब 5 बजे घर से निकलने की बात कही. करीब 5:45 बजे वह अपनी सहेली के साथ कालकाजी मंदिर पहुंची. लड़की ने पुलिस को बताया “आज मेरा जन्मदिन था. मैं अपने जन्मदिन पर कालकाजी मंदिर जाना चाहती थी.” दर्शन करने के बाद दोनों ने कालकाजी मेट्रो स्टेशन के पास से चिप्स और पानी खरीदा. इसके बाद वे गेट नंबर 7 से आस्था कुंज पार्क में दाखिल हुईं. किशोरी के मुताबिक, उसका आगे इस्कॉन मंदिर जाने का इरादा था. उसने कहा “मैं इस्कॉन मंदिर भी जाना चाहती थी. मैंने अपनी दोस्त से कहा कि हमें थोड़ी देर पार्क में बैठना चाहिए, चिप्स खाने चाहिए और फिर दर्शन के लिए जाना चाहिए.”
झूले के पास बैठने पर क्या हुआ?
लड़की के बयान के अनुसार, वह और उसकी सहेली पार्क में झूलों के पास एक बेंच पर बैठी थीं. इसी दौरान पीछे से तीन लोग उनके पास पहुंचे. पीड़िता ने उनकी उम्र करीब 30 से 35 साल बताई. उसने पुलिस को बताया, “जैसे ही हम गेट नंबर 7 से अंदर आए और झूलों के पास एक बेंच पर बैठकर चिप्स का पैकेट खोला, तभी लगभग 30-35 साल की उम्र के तीन लड़के पीछे से आए. उन्होंने तुरंत मेरे दोस्त को पकड़ लिया और उसे थप्पड़ मारा.”
जब दोनों ने आरोपियों से उनके बारे में पूछा तो कथित तौर पर उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया. पीड़िता के मुताबिक, उन्होंने कहा “हम पुलिसकर्मी हैं. आप इस समय यहां क्यों आए हैं? यहां प्रवेश की अनुमति नहीं है.” पीड़िता ने आरोप लगाया कि तीनों लोगों ने उसका और उसकी सहेली का मोबाइल फोन छीन लिया. इसके बाद उसे उसकी सहेली से अलग कर दिया गया. वह डर गई और आरोपियों से अपनी मां से बात कराने की गुहार लगाने लगी. उसने कहा “मैं बहुत डरी हुई थी. मैंने उनसे कहा, ‘सर, आप यहां जो कुछ भी पूछना चाहते हैं, पूछिए. मेरी मां से बात कीजिए.”
किसने निकाली थी बंदूक?
उसने आरोप लगाया. “तभी लड़कों में से एक ने कहा, ‘आसिफ भाई, बंदूक निकालो.’ जिसे वह आसिफ कह रहा था, उसने बैंगनी रंग की कमीज पहनी हुई थी. वह तीनों में सबसे तंदुरुस्त था. फिर आसिफ ने अपनी जींस की जेब से काले रंग की बंदूक निकाली और फिर उसे वापस जेब में रख लिया. इसके बाद दोनों ने चाकू निकाल लिए.”
पार्क में कहा ले गए थे?
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इसके बाद आरोपी उसे पार्क के एक सुनसान और अंधेरे हिस्से में ले गए. उसके बयान के मुताबिक, वहां तीनों ने चाकू से धमकाते हुए उसके साथ बारी-बारी से कथित तौर पर यौन हिंसा की. लड़की ने पुलिस को बताया “वे मुझे अंधेरे पक्ष की ओर ले गए. मैं रो रही थी. मुझे दर्द हो रहा था.”
वारदात के बाद आरोपियों ने क्या कहा?
पीड़िता के अनुसार, कथित घटना के बाद आरोपियों ने उसके कुछ कपड़े वापस किए और उसकी सहेली को भी उसके पास ले आए. इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन लौटा दिए गए. लड़की ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उन्हें धमकी देते हुए कहा “वे मेरी दोस्त को मेरे पास लाए, हमारे फोन हमें वापस दिए और कहा, ‘जल्दी से इस जगह से निकल जाओ, नहीं तो हम तुम्हें मार देंगे और किसी को कुछ मत बताना.” इसके बाद दोनों तुरंत पार्क से बाहर निकल गईं. पीड़िता ने अपनी सहेली को कथित घटना के बारे में बताया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.



