अहमदाबाद: अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी और दुनिया की शीर्ष सीमेंट एवं निर्माण सामग्री समाधान कंपनियों में शामिल अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 में मजबूत और संतुलित प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने न केवल उत्पादन के क्षेत्र में रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि राजस्व, लाभ और विस्तार योजनाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति की है।

अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स का धमाकेदार प्रदर्शन, उत्पादन और मुनाफे में जबरदस्त उछाल…
अदाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट्स का धमाकेदार प्रदर्शन, उत्पादन और मुनाफे में जबरदस्त उछाल…

कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 सीमेंट उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण लेकिन अवसरों से भरा रहा। इस दौरान वैश्विक भूराजनीतिक परिस्थितियाँ, मौसम की अनिश्चितता और कुछ घरेलू चुनावी गतिविधियों ने उद्योग पर प्रभाव डाला, लेकिन इसके बावजूद अंबुजा सीमेंट्स ने मजबूती के साथ प्रदर्शन किया।

रिकॉर्ड उत्पादन और वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक 73.7 मिलियन टन सीमेंट उत्पादन दर्ज किया है। यह अब तक का सर्वाधिक वार्षिक स्तर है। इसी अवधि में कंपनी का कुल राजस्व 40,656 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA 6,539 करोड़ रुपये रहा, जबकि सामान्यीकृत शुद्ध लाभ 2,647 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि कंपनी ने न केवल उत्पादन बढ़ाया बल्कि लाभप्रदता को भी मजबूत बनाए रखा।

चौथी तिमाही में भी प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान कंपनी ने 19.9 मिलियन टन उत्पादन, 10,915 करोड़ रुपये का राजस्व और 1,464 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया।

विस्तार और क्षमता वृद्धि

अंबुजा सीमेंट्स ने FY26 में अपने विस्तार अभियान को तेज करते हुए कई नई परियोजनाओं को सफलतापूर्वक शुरू किया। कंपनी की कुल सीमेंट क्षमता बढ़कर 109 MTPA हो गई है।

मारवाड़, फरक्का, संकरैल, सिंदरी और कृष्णापटनम में नई ग्राइंडिंग यूनिट्स शुरू की गईं। इसके साथ ही जोधपुर और भाटापारा में अतिरिक्त क्लिंकर क्षमता भी जोड़ी गई।

कंपनी की योजना है कि FY27 की पहली छमाही तक दहेज, भटिंडा, सलाई बनवा, कलंबोली, वारिसलीगंज और मराठा जैसी जगहों पर नई यूनिट्स शुरू की जाएंगी, जिससे क्षमता बढ़कर लगभग 119 MTPA तक पहुंच जाएगी।

मजबूत वित्तीय स्थिति

अंबुजा सीमेंट्स की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत बैलेंस शीट रही है। कंपनी लगभग ऋणमुक्त स्थिति में है और इसके पास 1,770 करोड़ रुपये का नकद भंडार है।

कंपनी की कुल नेटवर्थ 71,846 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा CRISIL और CARE जैसी एजेंसियों ने कंपनी को AAA / A1+ क्रेडिट रेटिंग दी है, जो इसकी वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।

बाजार और उद्योग परिदृश्य

कंपनी के अनुसार, भारत में सीमेंट की मांग FY26 तक मजबूत रही, लेकिन FY27 में लगभग 5% की धीमी वृद्धि की संभावना है। इसके पीछे कमजोर मानसून और वैश्विक भूराजनीतिक दबाव प्रमुख कारण हो सकते हैं।

हालांकि, कंपनी का मानना है कि भारत की लंबी अवधि की इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ स्टोरी अभी भी बेहद मजबूत है।

ESG और सस्टेनेबिलिटी पर बड़ा फोकस

अंबुजा सीमेंट्स ने पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

  • कंपनी ने Net Zero लक्ष्य के लिए मजबूत डीकार्बोनाइजेशन रोडमैप तैयार किया है
  • वॉटर पॉजिटिविटी 12 गुना तक पहुंचाई गई है
  • 2.25 मिलियन पेड़ लगाए गए
  • 9.78 मिलियन टन वेस्ट से रिसोर्स रिकवरी की गई

इसके अलावा, कंपनी को S&P Global, CDP और Sustainalytics जैसी एजेंसियों से मजबूत ESG रेटिंग मिली है।

डिजिटल और टेक्नोलॉजी अपग्रेड

कंपनी ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर भी जोर दिया है। CiNOC के जरिए पूरे ऑपरेशन में रियलटाइम डेटा मॉनिटरिंग और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत किया गया है।

IoT आधारित सिस्टम, ऑटोमेशन और डिजिटल डिस्पैच प्लेटफॉर्म ने संचालन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया है।

लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सुधार

कंपनी ने लॉजिस्टिक्स को आधुनिक बनाते हुए ऑटोमेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम और डिजिटल डिस्पैच प्लेटफॉर्म लागू किए हैं। इससे लागत में कमी और डिलीवरी दक्षता में सुधार हुआ है।

ब्रांड और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी

अंबुजा सीमेंट्स ने अपने प्रीमियम प्रोडक्ट्स को मजबूत करने के लिए डिजिटल कैंपेन चलाए, जिन्हें लाखों लोगों तक पहुंच मिली।

कंपनी के ब्रांड “Ambuja Kavach” और “ACC Gold” को बाजार में मजबूत पहचान मिली है। इसके साथ ही 36,000 से अधिक तकनीकी साइट्स पर कंपनी की पहुंच बनी हुई है।

वैश्विक और स्थानीय दबाव

कंपनी ने स्वीकार किया कि वैश्विक स्तर पर ईंधन कीमतों, लॉजिस्टिक्स लागत और करेंसी उतारचढ़ाव से कुछ दबाव बना है। हालांकि, कंपनी ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए फ्यूल ऑप्टिमाइजेशन और रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर दिया है।

अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने FY26 में यह साबित किया है कि मजबूत रणनीति, तकनीकी निवेश और सस्टेनेबिलिटी फोकस के साथ कोई भी कंपनी वैश्विक चुनौतियों के बीच भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

रिकॉर्ड उत्पादन, मजबूत वित्तीय स्थिति और विस्तार योजनाओं के साथ कंपनी आने वाले वर्षों में भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ का एक अहम स्तंभ बनी रहेगी।