बलरामपुर: जिले के कुसमी थाना क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है. कुसमी में पदस्थ एसडीएम करुण कुमार डहरिया पर हत्या का आरोप लगा है. आरोप है कि अवैध उत्खनन की कार्रवाई के नाम पर पहुंचे अधिकारी ने निर्दोष ग्रामीणों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें एक बुजुर्ग की मौत हो गई.
आधी रात का ‘ऑपरेशन’ बना मौत का कारण
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत हंसपुर में कथित अवैध बॉक्साइट उत्खनन की सूचना पर एसडीएम करुण कुमार डहरिया, सामरी के नायब तहसीलदार पारस शर्मा और अन्य लोग देर रात करीब दो बजे थार वाहन से पहुंचे. गांव में पहले से ही बॉक्साइट लदे ट्रक को लेकर तनाव की स्थिति थी.

इसी दौरान खेत से घर लौट रहे 62 वर्षीय रामनरेश राम, 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया को रोका गया. आरोप है कि बिना किसी पूछताछ या पुष्टि के तीनों पर बेरहमी से हमला कर दिया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ प्रहार किए गए. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। गंभीर रूप से घायल रामनरेश राम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दो अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं.
सवालों के घेरे में प्रशासन
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या किसी एसडीएम को कानून हाथ में लेने का अधिकार है? क्या अवैध खनन की जांच के नाम पर ग्रामीणों की पिटाई की जा सकती है? यदि ग्रामीण दोषी थे तो विधिसम्मत कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
घटना के बाद कुसमी क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, जिले भर की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है. प्रशासन की ओर से मीडिया को अस्पताल और थाना परिसर से दूर रखने की कोशिशें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.
राजनीतिक दबाव की चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश और हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी पड़ी. हालांकि आधिकारिक बयान अभी तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है. ग्रामीणों का कहना है कि निर्दोष किसानों को अवैध खनन माफिया समझकर पीटा गया. एक बुजुर्ग की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है.

अब सवाल यह है कि क्या दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी या मामला राजनीतिक गलियारों में उलझ कर रह जाएगा? फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है. मामले में पुलिस अधीक्षक वैभव भयंकर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. कोई भी हो अगर इस घटना में शामिल है तो उसे बक्शा नहीं जाएगा.