हिमाचली खबर: कानपुर: लखनऊ में एक नवविवाहिता की मौत के बाद कानपुर में परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश देखने को मिला। मृतका के परिजनों ने अंतिम यात्रा को ही न्याय की मांग का माध्यम बना दिया। हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर निकली शव यात्रा में शामिल लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने मृतका के पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा मामला; परिजन क्या आरोप लगा रहे हैं?
जानकारी के अनुसार कानपुर दक्षिण के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के बगाही इलाके की रहने वाली 23 वर्षीय मानसी की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व लखनऊ निवासी सागर से हुई थी। परिजनों का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही दहेज को लेकर मानसी का उत्पीड़न शुरू हो गया था। उनका कहना है कि कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौते और बातचीत भी हुई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। आरोप है कि ससुराल पक्ष की प्रताड़ना लगातार जारी रही।
परिजनों के मुताबिक, 30 मई को उन्हें सूचना मिली कि मानसी की मौत हो गई है। लखनऊ पुलिस ने फोन पर बताया कि युवती ने आत्महत्या कर ली है। हालांकि मृतका के परिवार ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जब वे कानपुर से लखनऊ पहुंचे तो उससे पहले ही शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। परिजनों का कहना है कि इससे कई महत्वपूर्ण तथ्य प्रभावित हो सकते हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मृतका के चाचा अविनाश राजपूत ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के चाचा अविनाश राजपूत ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम से पहले जब उन्होंने शव देखा तो शरीर और पैरों पर चोट तथा धारदार वस्तु से बने घाव जैसे निशान दिखाई दिए। उनका कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां भी आत्महत्या की कहानी से मेल नहीं खातीं। परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
मृतका का पति सागर एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है और वो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय बताया जाता है और उसके बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। परिजनों का आरोप है कि उसका किसी अन्य युवती से भी संपर्क था, जिसका विरोध मानसी अक्सर करती थी। इसी वजह से परिवार को घटना के पीछे किसी साजिश की आशंका है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
मानसी की मौत के बाद परिजनों और क्षेत्रीय लोगों ने बाबूपुरवा थाने के सामने प्रदर्शन किया। कुछ समय के लिए सड़क पर जाम जैसी स्थिति भी बन गई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बड़ी संख्या में लोग पोस्टर और बैनर लेकर सड़क पर निकले
जब मानसी का शव अंतिम संस्कार के लिए कानपुर लाया गया तो शव यात्रा एक जनआंदोलन का रूप लेती दिखाई दी। बड़ी संख्या में लोग पोस्टर और बैनर लेकर शामिल हुए। पोस्टरों पर न्याय की मांग और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की अपील लिखी गई थी। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
मानसी अपने पीछे 8 माह के एक मासूम बेटे को छोड़ गई है। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों को जांच के आधार पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। वहीं परिजन लगातार निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।



