Ram Mandir Donation Case: राम नगरी अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रामजन्मभूमि कोतवाली में FIR दर्ज कराई गई है, जिसमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा,
मनीष यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद आरोपी बनाया गया है. कुछ अज्ञात का भी नाम है. जो आठ नामजद आरोपी हैं, उनके खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से जुड़ी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. यह कार्रवाई SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद हुई है. पुलिस ने इनमें से सात आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि टिन्नू यादव फरार है. आइए जानते हैं राम मंदिर चंदा कांड की पूरी कहानी, जो इसी जून महीने के पहले सप्ताह में शुरू हुई और अंत में FIR तक पहुंच गई…

राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला इसी महीने जून के पहले सप्ताह में सामने आया था. मंदिर के ही एक पूर्व लेखाकार महिपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि मंदिर में दान राशि के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने दावा किया था कि करोड़ों रुपए के चढ़ावे में गड़बड़ी हुई और कुछ महत्वपूर्ण CCTV फुटेज भी उपलब्ध नहीं हैं. चढ़ावे के पैसे से लेकर सोनाचांदी तक गायब किए गए हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब सात करोड़ से 200 करोड़ तक का चंदा चोरी हुआ है. महिपाल सिंह के दावे के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठाए जाने लगे. कई नेताओं ने ट्रस्ट से आयव्यय का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग कर दी.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उठाया था सवाल
मामला सामने आने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्रस्ट और यूपी सरकार को निशाने पर लिया. अखिलेश यादव ने इसे सनातन धर्म और राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए ‘महापाप’ कहा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े CCTV फुटेज गायब कर दिए गए हैं. 7 जून 2026 को सपा सरकार में मंत्री रहे पवन पांडे ने आरोप लगाया कि मंदिर से पांच से साढ़े सात करोड़ रुपए का दान चोरी हुआ है. सपा के आक्रमक रुख को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आगे आने पड़ा. ट्रस्ट ने चंदा चोरी के आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार इसकी जांच कराए, ताकि लोगों का भम्र दूर हो सके.
चंपत राय से लेकर अनिल मिश्रा तक पर उठे सवाल
इस बीच आरोपप्रत्यारोप में करीब एक सप्ताह गुजर गया. धीरेधीरे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, टस्ट्री अनिल मिश्रा और दर्शन प्रभारी गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगने लगे. चंपत राय का चेला रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनिल मिश्रा के खास अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा का नाम सामने आया. टिन्नू यादव ही मंदिर में चंदे प्रबंधन का काम देखता था. गिनती से लेकर बैंक पहुंचाने तक का काम उसी के पास था. वहीं अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा मंदिर में नोटों की गिनती करते थे. इनमें से लवकुश मिश्रा के घर से तो 10 लाख रुपए का कैश तक मिला था.
टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा.
14 जून को हुआ था SIT का गठन, 6 दिनों तक जांच की
मामला बढ़ते देख खुद CM योगी एक्टिव हुए. उन्होंने चंदा चोरी की जांच के लिए 13 जून को SIT टीम का गठन कर दिया. एक कार्यक्रम में CM योगी ने कहा कि सब दूध और दूध और पानी का पानी होगा. CM योगी ने कहा कि SIT जांच में सब साफ हो जाएगा. अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं. कुछ लोग नहीं चाहते कि अयोध्या का विकास हो. इधर, SIT टीम में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, IG लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार और यूपी फाइनेंस एंड अकाउंट्स सर्विस के विशेष सचिव नीलरतन कुमार शामिल को शामिल किया गया. इस टीम ने राम मंदिर की 6 दिनों तक जांच की.
जांच के बाद SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने दोनों सदस्यों के साथ 23 जून को गृह सचिव संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी. बता दें कि SIT की ये प्राथमिक जांच रिपोर्ट 20 पन्नों की थी, जो 150 लोगों से पूछताछ के बाद तैयार की गई थी….
SIT ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में की ये सिफारिशें…
- 1 राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए और सभी सदस्यों की समान रूप से जिम्मेदारी तय की जाए.
- 2 मंदिर ट्रस्ट में किसी प्रशासनिक अधिकारी को CEO के रूप में नियुक्त किया जाए.
- 3 विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल को और समय दिया जाए.
- 4मंदिर के प्रबंधन के लिए पेशेवर तरीका अपनाने की सलाह.
- 5 दानराशि की गणना का साप्ताहिक ऑडिट किया जाए.
- 6 प्रतिदिन चढ़ावे में आने वाली नकदी की एंट्री कराई जाए.
- 7 सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाए.
- 8 CCTV कैमरों का डेटा स्टोरेज 45 दिन से बढ़ाकर 180 दिन तक किया जाए.
- 9 ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र व व्यवस्थापक गोपाल राव सहित अन्य जिम्मेदारों को अयोध्या छोड़ने की अनुमति न दी जाए.
25 जून को रामजन्मभूमि थाने में 8 लोगों पर FIR
SIT की प्राथमिक रिपोर्ट में की गई संस्तुतियों के बाद रामजन्मभूमि कोतवाली में FIR दर्ज की गई. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज इस FIR में आठ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया, जबकि अन्य अज्ञात लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया. आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 306, 316 , 317 , 317 , 61 और 3 लगाई गई. इन धाराओं में आपराधिक न्यासभंग, चोरी की संपत्ति से संबंधित अपराध, आपराधिक साजिश और सामूहिक उद्देश्य से अपराध करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. हालांकि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव का नाम इसमें नहीं है.
FIR में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया है. सूत्रों के अनुसार, मामले में नामजद लोगों में पैसा गिनने वाली टीम के प्रमुख के तौर पर सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव थे, जबकि अन्य छह लोग कैशियर थे.इनमें से सात लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि टिन्नू यादव फरार है. SIT को मिले CCTV फुटेज में ये कर्मचारी कथित रूप से चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी करते हुए दिखाई दिए हैं. इसी आधार पर इनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है.
2 करोड़ तक की रिकवरी हुई
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मिले CCTV फुटेज इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सबूत माने जा रहे हैं. आरोप है कि चढ़ावे की राशि की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों ने धनराशि में हेराफेरी की. अब तक कुछ आरोपियों के घर से 2 करोड़ तक की रिकवरी की जा चुकी है. जांच में यह भी सामने आया कि टिन्नू यादव का भतीजा मनीष यादव भी नकदी गिनने के कार्य से जुड़ा था. उसका नाम भी FIR में शामिल है. इसके अलावा अनुकल्प मिश्रा की भूमिका को लेकर भी जांच एजेंसियां विशेष रूप से पड़ताल कर रही हैं.
अब आगे क्या?
FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच करेगी. साथ ही आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जाएगी. फिलहाल श्रीराम जन्मभूमि थाने के एसएचओ सुमित श्रीवास्तव वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के लिए रवाना हुए हैं. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
बदली गई दान गिनती की पूरी व्यवस्था
चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट ने दान राशि की गिनती और बैंक में जमा कराने की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं. अब काउंटिंग रूम में प्रवेश करने वाले कर्मचारियों की तलाशी ली जा रही है. कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने की अनिवार्यता लागू की गई है. मोबाइल फोन, बैग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसके अलावा CCTV फुटेज को अब 45 दिन की जगह 180 दिन तक सुरक्षित रखा जाएगा. नकदी को बैंक तक पहुंचाने के लिए डबल लॉक सिस्टम लागू किया गया है, जिसकी चाबियां अलगअलग लोगों के पास रहेंगी.



