Varanasi News: वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत गुरु रविदास जी महाराज की जन्मस्थली से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक समरसता अभियान की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भदोही जिले का नाम एक बार फिर ‘संत रविदास नगर’ किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला संत रविदास जी महाराज के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने के लिए लिया गया है.

महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा करेगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार संत गुरु रविदास, महर्षि वाल्मीकि, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और सामाजिक न्याय से जुड़े अन्य महापुरुषों की सार्वजनिक स्थानों पर लगी प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी. जिन प्रतिमाओं पर छतरी नहीं है, वहां सरकार अपने खर्च पर छतरी बनवाएगी, ताकि उनका सम्मान और संरक्षण बना रहे.

पूर्व सरकारों पर साधा निशाना

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संत रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा से किया जा रहा है, जो अगले वर्ष 20 फरवरी तक चलेगा. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने महापुरुषों के सम्मान से जुड़े फैसलों को बदला था. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पूर्व सरकारों की गलतियों को सुधारने का काम कर रही है.

देशभर में होंगे समरसता कार्यक्रम

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई राज्यों के मंत्री और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इस अवसर पर 131 कलशों में संत रविदास जी महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी भरकर देश के 28 राज्यों के 97 जिलों में भेजी जाएगी. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसके अलावा देशभर में 5,000 से अधिक स्थानों पर सामाजिक समरसता गोष्ठियों का आयोजन होगा. इन कार्यक्रमों में संत रविदास जी के जीवन, साहित्य, दर्शन और सामाजिक समरसता के संदेश को लोगों तक पहुंचाया जाएगा.

650वीं जयंती वर्ष तक चलेंगे आयोजन

सरकार के अनुसार, संत रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में कई सांस्कृतिक, सामाजिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इन आयोजनों का उद्देश्य संत रविदास जी के समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है.