गर्मी में लोग आम और कटहल का अचार बनाते हैं तो सर्दियों में गाजरमूली, कच्चे पपीता, आंवला, जैसी चीजों का अचार बनाया जाता है. ये सीजनल फूड्स को स्टोर करने का बेहतरीन तरीका होता है. कई मसालों से भरपूर होने के साथ ही अचार में प्रोबायोटिक गुण भी आ जाते है, जिससे ये पाचन को भी दुरुस्त बनाए रखता है, लेकिन कुछ लोगों का कहना होता है कि उनका बनाया अचार जल्दी खराब हो जाता है. इसके अलावा कई बार तेज गर्मी या फिर बारिश के दिनों में भी अचार में फफूंद लग जाती है. ऐसे में जान लें कि आप कैसे अपने अचार की शेल्फ लाइफ को बढ़ा सकते हैं.

गर्मी हो या बारिश…अचार कई साल नहीं होगा खराब, जान लें ये आसान तरीके
गर्मी हो या बारिश…अचार कई साल नहीं होगा खराब, जान लें ये आसान तरीके

भारत में हर राज्य में अलगअलग चीजों का अचार बनाया जाता है और इसके फायदे भी कई होते हैं जैसे बांस का अचार, गोंगुरा का अचार, कमल ककड़ी का अचार, सोयाबीन का अचार, केर सांगरी का अचार, पहाड़ी सब्जी लिंगुडा का अचार और यहां तक कि कई नॉनवेज चीजों जैसे लोग झींगा का अचार भी बनाते हैं. तो चलिए जान लेते हैं कि कैसे आप गर्म और नम मौसम में भी अपने अचार को सालों साल फ्रेश बनाए रख सकते हैं.

पहली शर्त नमी से बचाव

अचार को अगर कई साल तक सही रखना है तो शेल्फ लाइफ बढ़ाने की पहली शर्त है सीलन से बचाव. आप जिस बर्तन में अचार रख रहे हैं उसमें बिल्कुल भी नमी न हो. जिस जगह पर अचार रख रहे हैं वहां पर सीलन न हो. अचार निकालने के लिए यूज की जाने वाली चम्मच बिल्कुल सूखी हो.

ऐसी बर्तन का करें यूज

अचार को रखने के लिए हमारी दादीनानी बरनी का इस्तेमाल करती हैं जो मिट्टी या फिर चीनी मिट्टी यानी सिरेमिक से बनी होती है. ये अचार को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने का काम करती हैं, क्योंकि इनमें नमी नहीं जाती है और ये टेम्परेचर भी कंट्रोल करती है. आप कांच के जार का यूज भी अचार रखने में कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि प्लास्टिक के डिब्बों में अचार न रखें. इससे ये जल्दी खराब हो सकता है और सेहत के लिए भी सही नहीं रहता है.

Getty Images

ये एक चीज डाल दें

अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है तो सबसे अच्छा तरीका है कि इसमें आप सिरका डाल दें. वाइट विनेगर का यूज करना सही रहता है. ये नेचुरल प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, इसलिए अचार में फफूंद पनपने से रोकने के लिए बेस्ट है. बस ध्यान रखें कि इसकी मात्रा कम होनी चाहिए, नहीं तो ये अचार के स्वाद को बदल सकता है. 1 किलो अचार में 30 से 50 ग्राम सिरका काफी रहता है.

ये बातें भी हैं जरूरी

  • आप जो भी सिरका अचार में यूज कर रहे हैं वो 5 प्रतिशत तक ही एसिडिक होना चाहिए.
  • अचार बनाने के लिए जो बरनी या जार यूज कर रहे हैं, पहले उसे गर्म पानी से धो लें ताकि बैक्टीरिया न रहें.
  • बरनी धोने के बाद उसे कपड़े से पोछें और धूप में सुखाएं ताकि नमी बिल्कुल भी न रहे.
  • भारत में ज्यादातर अचार तेल वाले ही बनते हैं. अगर आपने भी तेल वाला अचार ही डाला है तो ध्यान दें कि ये तेल में बिल्कुल डूबा रहे.
  • अचार को अगर 34 दिन की तेज धूप भी दिखाई जाए तो ये पककर तैयार हो जाता है, लेकिन स्टोर करने के बाद भी इसे 15 दिनों में 1 से 2 घंटे की धूप दिखानी चाहिए.