कोलकाता: वेस्ट बंगाल चुनाव में बुधवार को अंतिम चरण की वोटिंग है. वहीं 4 मई को वोटों की गिनती के साथ चुनावी शोर थम जाएगा. पूरे चुनाव प्रचार के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तमाम बीजेपी नेताओं ने ताबड़तोड़ रैलियां की, वहीं तृणमूल कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री ममता बनर्ती और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी भी अपने बूते पलटवार करते दिखे. इस चुनावी शोर में तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल पूरी तरह गुमनाम दिखे. अनुब्रत मंडल ना तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मंच शेयर करते नजर आए और ना ही कहीं तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार करते हुए.

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Fake वायरल वीडियो की वजह से चर्चा में आए
पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल केवल एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आए. दरअसल, पिछले दिनों सोशल मीडिया पर पहले चरण की बंपर वोटिंग के बाद एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि अनुब्रत मंडल कह रहे हैं कि इतना अधिक वोटिंग प्रतिशत होने के बाद पहले चरण की 152 में तृणमूल कांग्रेस महज 1520 सीटें जीत पाएगी. हालांकि यह वीडियो पूरी तरह फेक था. अनुब्रत मंडल बंपर वोटिंग के बाद टीएमसी नहीं बल्कि बीजेपी को महज 1520 सीटों पर सिमटने की बात कही थी. पश्चिम बंगाल के दैनिक अखबार की वेबसाइट अमृत बाजार पत्रिका ने वायरल वीडियो की सत्यता से रूबरू कराया था.

बंगाल चुनाव से अनुब्रत मंडल ने क्यों बनाई दूरी
राजनीतिक गलियारों में लगातार इस बात की चर्चा है कि अनुब्रत मंडल ने बंगाल चुनाव 2026 से खुद को क्यों दूर रखा. बताया जा रहा है कि अनुब्रत मंडल के समर्थकों को उम्मीद थी कि उनके नेता को ममता बनर्जी इस चुनाव में प्रत्याशी बनाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. कहा जा रहा है कि इस चुनाव में बीजेपी लगातार अपराध और गुंडाराज को लेकर हमलावर है, ऐसे में अनुब्रत मंडल को लेकर कोई और बदनामी ना हो इसलिए उन्हें लाइलाइट से दूर ही रहने को कहा गया था.

2026 विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी में हुए बदलावों के तहत उनसे संगठनात्मक पद छीन लिया गया और बीरभूम इकाई की जिम्मेदारी अब एक कोर कमेटी को दी गई है. उसी दौरान बीजेपी ने एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के मामले में अनुब्रत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया था.

बता दें कि अनुब्रत मंडल बीरभूम के बाहुबली कहलाते हैं. इस जिले में इनकी तूती बोलती रही है. लेकिन लगातार कई मुकदमों के चलते लगातार जेल जाने के चलते इनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा है. कहा जाता है उत्तर प्रदेश में जिस तरह से पूर्व सांसद और माफिया व बाहुबली रहे अतीक अहमद की इलाहाबाद और इसके आसपास के इलाकों में वर्चस्व था, कुछ इसी तरह का जलवा अनुब्रत मंडल का बीरभूम के इलाके में देखा जाता रहा.

अनुब्रत मंडल क्राइम कुंडल पलटते हुए थक जाते हैं पुलिस वाले
अनुब्रत मंडल की ‘क्राइम कुंडली’ काफी लंबी है. कहा जाता है कि यह इतनी लंबी है जिसे पलटने में पुलिस वाले थक जाते हैं. केंद्रीय जांच एजेंसियों CBI और ED के अनुसार, वे कई बड़े घोटालों और हिंसात्मक घटनाओं के मुख्य अभियुक्त हैं.