
बिहार में एनडीए की नई सरकार का गठन हो गया है। मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी हो गया है। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने वाली लालू यादव की पार्टी आरजेडी अभी भी हार की वजहों को ढूंढ रही है।
अब राजद ने दो सीटों पर जीते हुए कैंडिडेट्स के एक समान वोटों को लेकर चुनाव आयोग को घेरा है। जिन दो सीटों के परिणामों पर आरजेडी ने सवाल उठाए हैं। उसमें राजगीर और कुढ़नी की सीट है।
राजगीर सीट से जेडीयू प्रत्याशी कौशल किशोर को कुल 107811 वोट मिले हैं। उन्होने सीपीआई के विश्वनाथ चौधरी को 55428 वोटों से हराया है। कुढ़नी सीट पर भाजपा के केदार प्रसाद गुप्ता को भी कौशल किशोर के बराबर 107811 वोट मिले हैं।
उन्होने आरजेडी के सुनील कुमार सुमन को 9718 वोटों से हराया है। इस दोनों सीट के परिणामों का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए राजद ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर टिप्पणी की है। आरजेडी की तरफ से लिखा गया कि इन दोनों छात्रों ने मास्टर ज्ञानेश कुमार गुप्ता को खाली कॉपी जमा किया था। मास्टर साहब ने माथापच्ची और भेदभाव किए बिना दोनों को एक जैसे ही अंक दे दिए।
इससे पहले भी राजद ने नबीनगर, अगिआंव और संदेश सीट का जिक्र करते हुए महागठबंधन के प्रत्याशियों को जबरन बेईमानी से हराने का आरोप लगाया था। जिसमें बताया था कि तीनों सीटों पर रिजेक्ट किए हए पोस्टल वोट की संख्या हारे हुए वोटों से ज्यादा थी। नबीनगर सीट पर आरजेडी वोटों से हारी थी और पोस्टल वोट रिजेक्ट हुए थे। अगिआंव सीट पर माले वोटों से हारी थी और पोस्टल वोट रिजेक्ट हुए। संदेश सीट पर राजद वोटों से हारी और पोस्टल वोट रिजेक्ट हुए थे।
आपको बता दें बिहार चुनाव में महागठबंधन की करारी हार हुई है। 2020 में जो आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी, वो खिसककर तीसरे नंबर की पार्टी बन गई। 89 सीटों के साथ बीजेपी पहले नंबर पर है, 85 सीटों के साथ जेडीयू दूसरे, 25 सीटों के साथ आरजेडी तीसरे, 19 सीटों के साथ लोजपा-आर चौथे और 6 सीटों के साथ कांग्रेस पांचवे नंबर की पार्टी बन गई है।