नदी जीवनदायनी होती है, लेकिन कुछ राज्य ऐसे हैं जिनके लिए कोई खास नदी लाइफलाइन बन जाती है. गोवा के मामले में भी ऐसा है. अरब सागर के किनारे पर सा यह राज्य 3,702 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है. गोवा कई नदियों की भूमि है, जिसमें 11 बड़ी नदियां और लगभग 42 छोटी नदियां पश्चिमी घाट पर्वत श्रृंखला से होकर बहती हैं. लेकिन एक नदी जीवनरेखा कहलाती है. उसका नाम है मांडोवी नदी. फोटो: instagram

क्यों कहते हैं जीवनरेखा… गोवा की लाइफलाइन कही जाने वाली मांडोवी नदी को कई नामों से जाना जाता है. जैसे महादयी नदी, म्हादेई नदी. इसे गोवा की लाइफलाइन इसलिए कहा गया है क्योंकि यह अकेले राज्य के 43 फीसदी से अधिक आबादी की प्यास बुझाती है. उनके लिए यही पानी का स्रोत है. फोटो: instagram
कहां से निकली… मांडोवी नदी पश्चिमी घाट में कर्नाटक के बेलगावी जिले के खानपुर तालुका के भीमगढ़ से निकलती है. कर्नाटक में इसे म्हादेई नदी के नाम से जाना जाता है. यह सत्तारी तालुका से होते हुए पश्चिम की ओर गोवा में बहती है. अपने उद्गम स्थल से लेकर अंत तक नदी की कुल लंबाई लगभग 81 किलोमीटर है.
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किस राज्य में कितना हिस्सा… मांडोवी नदी की लंबाई का 35 किलोमीटर का हिस्स कर्नाटक में है और 45 किलोमीटर का हिस्सा गोवा में है. इस नदी के मार्ग में स्थित कई शहर जैसे वालपोई, बिचोलिम, पोंडा, ओल्ड गोवा और पणजी हैं. यह पणजी में अरब सागर में गिर जाती है. फोटो: instagram
सहायक नदियां… मांडोवी नदी की मुख्य सहायक नदियों में मापुसा नदी, रागदा नदी, कोटराची नदी, म्हादेई और मादेई धारा शामिल हैं. ये नदियां मिलकर मांडोवी नदी बेसिन का निर्माण करती हैं, जो लगभग 2,032 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करता है. फोटो: instagram



