विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2027 के फाइनल को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने तय किया है कि अगला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल अब लॉर्ड्स की जगह द ओवल मैदान पर खेला जाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह मुकाबला जून 2027 में आयोजित होगा और टेस्ट क्रिकेट के 150 वर्ष पूरे होने के विशेष अवसर का भी हिस्सा रहेगा।
बता दें कि पिछले वर्ष लॉर्ड्स में खेले गए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब जीता था। उस मुकाबले की सफलता के बाद इंग्लैंड को अगले तीन फाइनल की मेजबानी का अधिकार मिला था। हालांकि अब इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने 2027 का फाइनल द ओवल में कराने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण लॉर्ड्स की पिचों को लेकर उठी चिंताएं बताई जा रही हैं। हाल ही में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैच की पिच को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने असंतोषजनक माना था और मैदान को पहली बार दंड अंक भी दिया गया था। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब ने भी स्वीकार किया है कि पिचों की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है और इस दिशा में काम शुरू किया जाएगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब भविष्य में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की मेजबानी फिर से हासिल करना चाहता है। ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। यदि पिच सुधार योजना सफल रहती है तो वर्ष 2029 का फाइनल दोबारा लॉर्ड्स में आयोजित किया जा सकता है।
इस बदलाव से सरे क्रिकेट क्लब को भी बड़ा फायदा होगा। पहले अगले सत्र में उसके हिस्से केवल एक टेस्ट मैच था, लेकिन अब द ओवल को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के साथ एशेज श्रृंखला का पांचवां टेस्ट भी मिलेगा। वहीं मैनचेस्टर का मैदान अब निर्धारित टेस्ट मैच की मेजबानी नहीं करेगा और संबंधित क्रिकेट संघ को इसके लिए आर्थिक सहायता दिए जाने की भी बात सामने आई है। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।
बता दें कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के पहले तीनों फाइनल इंग्लैंड में ही खेले गए हैं। वर्ष 2021 में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर पहला खिताब जीता था। इसके बाद 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराया, जबकि 2025 में दक्षिण अफ्रीका चैंपियन बना था।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के प्रतियोगिता एवं संचालन महाप्रबंधक गौरव सक्सेना ने कहा कि 2027 का फाइनल टेस्ट क्रिकेट के 150 वर्षों के ऐतिहासिक अवसर पर खेला जाएगा और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक यादगार आयोजन साबित होने की उम्मीद है।