
Muzaffarnagar News Today: उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ मकसद से पुलिस लगातार ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ चला रही है. प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई पर लगातार मानवाधिकार संगठन और विपक्षी दल सवाल खड़े करते रहे हैं. आरोप है कि सरकार के आदेश पर पुलिस समुदाय विशेष के लोगों को ही टार्गेट करती रही है. इसी तरह की एक कथित फर्जी एनकाउंटर का मामला मुजफ्फरनगर से सामने आया है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस पर एक बार फिर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगा है. मामला मुजफ्फरनगर के नई मंडी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां 21 नवंबर को पुलिस ने एक मुस्लिम नौजवान को मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया. लेकिन घटना से 24 घंटे पहले नौजवान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह अदालत परिसर में बैठा जान बचाने की गुहार लगाते हुए दिखाई दे रहा है.
करीब ढाई मिनट के इस वीडियो में नौजवान चांद मोहम्मद वकील के चेंबर में बैठा लगातार रोता हुए गिड़गिड़ा रहा है कि वह सरेंडर करने आया है, लेकिन कोर्ट परिसर के नीचे एसओजी की टीम घात लगाकर बैठी है. वीडियो में चांद मोहम्मद आरोप लगाता है कि पुलिस उसे फर्जी एनकाउंटर में मारना चाहती है. वह कहता है, “मैंने कोई गुनाह नहीं किया. मुझे बचा लो. छोटे-छोटे बच्चे हैं. पहले भी मेरे खिलाफ झूठा केस डाल दिया था.”
एक अन्य वीडियो में उसके वकील आस मोहम्मद ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. वकील ने बताया कि 2024 में नई मंडी थाने में चांद पर मारपीट का केस दर्ज हुआ था और 16 नवंबर को सरेंडर एप्लिकेशन लगाया गया था. लेकिन पुलिस जांच लंबित बताकर तारीख आगे बढ़ाती रही. वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल पर आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और वह कोर्ट में सरेंडर करने आया था, लेकिन एसओजी की मौजूदगी से उसे जान का खतरा था.
दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के अगले ही दिन शुक्रवार दोपहर पुलिस ने पीन्ना बाईपास पर चांद मोहम्मद को घेराबंदी के दौरान रोकने का दावा किया. पुलिस के मुताबिक, चांद ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि उसके पास से तमंचा भी बरामद हुआ है.
पुलिस का कहना है कि चांद मोहम्मद पर मुजफ्फरनगर, कानपुर देहात और हरिद्वार के थानों में आर्म्स एक्ट और गोहत्या सहित कुल 7 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 4 मामलों में वह फरार चल रहा था। उसके ऊपर नई मंडी थाने की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था. वीडियो सामने आने के बाद फर्जी मुठभेड़ के आरोप और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल पुलिस ने मामले की तफ्तीश जारी रखी है और नौजवान को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है.