हिमाचली खबर: Chandra Gochar: चंद्रमा 4 जून की सुबह धनु राशि से निकलकर शनि की राशि मकर में गोचर कर चुके हैं। चंद्रमा का यह गोचर 7 बजकर 42 मिनट पर हुआ था। आपको बता दें कि शनि और चंद्रमा के बीच शत्रुता का संबंध है इसलिए चंद्रमा के इस गोचर के चलते कुछ राशियों के जीवन में चुनौतियां बढ़ सकती है। आर्थिक पक्ष, करियर और सेहत को लेकर इन राशियों को सतर्क रहना होगा। आइए जान लेते हैं इन राशियों के बारे में और साथ ही उन उपायों के बारे में भी जिन्हें करने से चंद्रमा की प्रतिकूलता कम हो सकती है। 

Chandra Gochar: 4 जून की सुबह शनि की राशि में हुआ चंद्रमा का गोचर, 3 राशियों के जीवन में बढ़ेंगी परेशानियां​
Chandra Gochar: 4 जून की सुबह शनि की राशि में हुआ चंद्रमा का गोचर, 3 राशियों के जीवन में बढ़ेंगी परेशानियां​

मिथुन राशि 

चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से आठवें भाव में होगा। इस भाव को अनिश्चितताओं का कारक माना जाता है। आठवें भाव में चंद्रमा का होना शुभ साबित नहीं होता। करियर क्षेत्र में आप उतारचढ़ाव देख सकते हैं। कोई भी बड़ा फैसला जून के पहले सप्ताह में आपको नहीं लेना चाहिए। इसके साथ ही उदर से जुड़े विकार भी आपको हो सकते हैं इसलिए सेहत का ख्याल रखें। धन का सही इस्तेमाल करने के लिए आपको सही बजट प्लान करना होगा। उपाय के तौर पर आपको दूध, दही, चावल, सफेद वस्त्र आदि का दान करना चाहिए। 

सिंह राशि 

चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में होगा। यह भाव शत्रु और रोग का कारक माना जाता है। चंद्रमा का मकर राशि में गोचर करना आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। मानसिक तनाव का सामना भी आप कर सकते हैं। इसके साथ ही वाणी की कठोरता कार्यक्षेत्र में आपकी छवि खराब कर सकती है, आपको वार्तालाप करते समय शब्दों का चयन सोचसमझकर करना चाहिए। चंद्र गोचर के बाद कुछ लोगों का बैंक बैलेंस कम हो सकता है। उपाय के तौर पर सिंह वालों को शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए। 

कुंभ राशि 

चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से द्वादश भाव में होगा जिसे हानि का भाव भी कहा जाता है। चंद्रमा के इस गोचर के दौरान आपको किसी भी तरह का निवेश करने से बचना चाहिए। निवेश करना ही चाहते हैं तो जून 10 तारीख के बाद का समय आपके लिए सही रहेगा। इसके साथ ही जोड़ों में दर्द की समस्या से कुछ लोग दोचार हो सकते हैं। वैवाहिक जीवन में भी उतारचढ़ाव आने की आशंका है। इस राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में होने वाली राजनीति से भी दूर रहने की सलाह दी जाती है। उपाय के तौर पर शिवलिंग का जलाभिषेक आपको करना चाहिए।