जूनजुलाई यानी मानसून के शुरुआती महीनों में आने वाला जामुन फाइबर से भरपूर होता है और इसलिए ये आपके पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसका सेवन करने से गैस, कब्ज जैसी समस्याओं से बचाव होता है. ये खून की कमी पूरी करने में भी हेल्पफुल माना जाता है, क्योंकि आयरन का बढ़िया सोर्स है तो वहीं डायबिटिक लोगों के लिए भी बढ़िया फल है. दरअसल ये एक लो ग्लाइसेमिक फ्रूट है और इस वजह से ब्लड शुगर को बढ़ने से कंट्रोल करने में असरदार माना जाता है.

अमरूद एक ऐसा फ्रूट है जो सर्दियों के साथ ही बरसात में भी हार्वेस्ट किया जाता है. ये भी फाइबर का एक बेहतरीन सोर्स है, इस वजह से डाइजेशन के लिए फायदा करता है. अमरूद में खट्टे फल संतरा से भी ज्यादा विटामिन सी होता है. यही वजह है कि ये आपकी स्किन से लेकर इम्यूनिटी तक को इंप्रूव करने में हेल्पफुल होता है.

अमरूद की तरह ही नाशपाती भी सर्दियों के अलावा बरसात के मौसम का भी फल है. ये फाइबर के बेहतरीन नेचुरल सोर्स में से एक है. इसका सेवन आपको कब्ज से छुटकारा दिलाने में मदद करता है.कब्ज की समस्या रहती हो तो आप इसे सुबह खाली पेट चबाकर खा सकते हैं. इससे कुछ ही दिनों में बढ़िया रिजल्ट मिल सकता है.

आलूबुखारा भी गर्मियों से मानसून का फल है. जून से अगस्त तक आने वाला ये फल आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखने में मदद कर सकता है, क्योंकि ये डाइटरी फाइबर और सॉर्बिटोल से भरपूर होता है. ये दोनों न्यूट्रिएंट्स पाचन में सुधार करते हैं. कब्ज वालों के लिए भी आलूबुखारा फायदेमंद रहता है. इसके अलावा ये फ्रूट आपको मौसमी बीमारियों से बचाने में हेल्पफुल है, क्योंकि इम्यूनिटी बूस्ट करता है.

लीची भी एक ऐसा फल है जो मानसून के शुरुआती महीने में आने लगती है. ये जूसी फल शरीर को हाइड्रेट रखता है. इसके अलावा लीची विटामिन सी से भरपूर होती है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाती है. हेल्थ लाइन के मुताबिक 100 ग्राम लीची में 1.3 ग्राम फाइबर होता है. ये पचने में भी एक हल्का फल है, इसलिए डाइजेशन दुरुस्त रखने के लिए आप इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.