मुंगेर जिले के कल्याणपुर की बड़ी दुर्गा महारानी का दरबार हर साल एक नई भव्यता और अलौकिक रूप के साथ सजता है. बदलती थीम, आकर्षक सजावट और विशाल पंडाल के कारण यहां की दुर्गापूजा आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं के लिए हमेशा से विशेष आकर्षण का केंद्र रही है. इस बार का आयोजन अपनी पुरानी सभी परंपराओं को पीछे छोड़ते हुए एक नया इतिहास रचने जा रहा है, जिसे देखने के लिए दूरदूर से लोग पहुंच रहे हैं.

वर्ष 2021 में मात्र 80 लाख रुपये की लागत से जयपुर के प्रसिद्ध हवा महल की थीम पर शुरू हुआ भव्य पंडाल निर्माण का सफर वर्ष 2026 में बढ़कर तीन करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. पिछले छह वर्षों में छह अलगअलग और अनूठी थीम के जरिए कल्याणपुर की इस दुर्गापूजा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है, जो हर साल श्रद्धालुओं को अचंभित करती है.
इस बार के मुख्य आकर्षण की बात करें तो मलेशिया के मशहूर पेट्रोनास ट्विन टावर की तर्ज पर एक भव्य और विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है. इस अनोखे निर्माण के भीतर और बाहर की कलात्मक सजावट, सुंदर झरना, आधुनिक लेजर शो, आकर्षक रोशनी और विक्टोरिया हाउस की तर्ज पर भगवान भोलेनाथ के दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण होंगे.
कल्याणपुर की इस पूजा की थीम यात्रा पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में जयपुर के हवा महल से इसकी शुरुआत हुई थी, जिस पर करीब 80 लाख रुपये खर्च हुए थे. इसके बाद वर्ष 2022 में मुंबई के ऐतिहासिक ताज होटल को थीम बनाया गया, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपये की लागत आई. साल 2023 में तमिलनाडु के प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर की तर्ज पर दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला का अद्भुत संगम पेश किया गया, जिस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए.
यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि वर्ष 2024 में दुबई के विश्वप्रसिद्ध बुर्ज खलीफा की थीम पर पंडाल का निर्माण हुआ और इसका बजट बढ़कर दो करोड़ रुपये पहुंच गया. इसके बाद वर्ष 2025 में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के प्रसिद्ध अरुण मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया, जिस पर करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. अब वर्ष 2026 में मलेशिया के पेट्रोनास ट्विन टावर की भव्य प्रतिकृति तैयार की जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत तीन करोड़ रुपये है.
इस विशाल टावर को अंतिम रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल और झारखंड से आए कुशल कारीगर दिनरात जुटे हुए हैं, जबकि दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आए विशेष कलाकार शीशे की नायाब नक्काशी और कांच की सजावट का काम संभाल रहे हैं. सड़क से लेकर मां के दरबार तक पहुंचने वाले रास्ते में शीशे की कलात्मक नक्काशी, भव्य एलईडी गेट और मंत्रमुग्ध करने वाली प्रकाश व्यवस्था हर किसी का मन मोह रही है.
पंडाल में प्रवेश करते ही मुख्य द्वार पर गिरने वाले झरने की आकर्षक संरचना श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत करती है. इसके साथ ही, विक्टोरिया हाउस की थीम पर बनाए जा रहे विशेष हिस्से में भगवान भोलेनाथ के दर्शन होंगे, जो इस बार के आयोजन में आध्यात्मिकता का एक नया रंग भर रहे हैं. पंडाल के अंदर आधुनिक तकनीक से लैस लेजर शो की भी विशेष व्यवस्था की गई है.
कल्याणपुर की बड़ी दुर्गा महारानी की पूजा की यह परंपरा 363 वर्ष से अधिक पुरानी है. यहां का यह भव्य आयोजन मुंगेर के अलावा भागलपुर, बांका, खगड़िया, जमुई, लखीसराय, बेगूसराय और पूर्णिया जैसे आसपास के कई जिलों के श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है. इस वर्ष पूजा के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.
हरिओम होमियो के प्रबंध निदेशक और प्रसिद्ध होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. नीतीश दुबे ने बताया कि मां की असीम कृपा से हर वर्ष यह पूजा महोत्सव बेहद धूमधाम से आयोजित होता है. इस बार मलेशिया के ट्विन टावर की थीम पर तैयार हो रहा भव्य पंडाल सभी आने वाले भक्तों के लिए एक यादगार और अलौकिक अनुभव साबित होगा.
धार्मिक आस्था के साथसाथ इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहने वाली है, जहां भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह, मशहूर गायिका कल्पना पटवारी और लोक गायक भरत शर्मा सहित कई चर्चित कलाकार अपने सुरों का जादू बिखेरेंगे. इतने बड़े पैमाने पर होने वाले आयोजनों में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पंडाल परिसर में चार अलगअलग निकास द्वार बनाए गए हैं, जहां ग्रामीण और कल्याणपुर यूथ क्लब के सदस्य पूरी मुस्तैदी से व्यवस्था संभाल रहे हैं.



