उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों और अभिभावकों को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने, जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में पूरी तरह से साथ देने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे.

ने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फैसले के खिलाफ, हमारे साथ हमारा छोटेसेछोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़ेसेबड़ा नेता और वो सब हजारों बच्चे व उनके मेहनतकश मातापिता भी हैं, जिनके सपने पर बुलडोजर चलाने की निकृष्ट कोशिश भाजपा सरकार कर रही है.
सपा प्रमुख ने कहा कि हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, हम शिक्षा के मंदिर को बचाने के लिए देश भर से अपील करते हैं कि वो हमारे साथ आएं. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। विश्वविद्यालय में हर समाज के बच्चे पढ़ते हैं, क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के विरुध्द हो गई है.
अखिलेश ने छात्रों और अभिभावकों को लिखा खुला पत्र
उन्होंने कहा कि भाजपा का अहंकार ही ये सब गलत काम करा रहा है. अगर कहीं कुछ कागजी कमी है भी तो उसके कागज पूरे करके यूनिवर्सिटी को बचाया जाए और स्टूडेंट्स के भविष्य को भी. यहां गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो भाजपाइयों की तरह अपने बच्चों को महंगे विश्वविद्यालय या विदेशों में पढ़ा सकें.
प्रिय छात्रों और अभिभावकगण,
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में, हम सब पूरी तरह से आपके साथ हैं।
बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे। इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फ़ैसले के
— Akhilesh Yadav July 19, 2026
सपा प्रमुख ने कहा कि जिनके न परिवार हैं न बच्चे,वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें. अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं, उनके परिवारपरिजनों व समाज के लिए रत्ती भर भी सहानुभूति होती तो वो जुल्म और नाइंसाफी से भरी इस विध्वंसक कार्रवाई का तत्काल कोई विकल्प ढूंढती.
अखिलेश यादव ने कहा कि सच तो ये है कि भाजपा शिक्षा के ही विरुद्ध है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं , वो अन्याय के खिलाफ आवाज भी उठाते हैं और सवाल भी, जो दकियानूसी सोचवाली दमनकारी भाजपा की सत्ता को जरा भी रास नहीं आता है. इसीलिए भाजपाई और उनके संगीसाथी, गांवगांव में प्राथमिक विद्यालय तथा अन्य स्थानों पर विश्वविद्यालय तक बंद करवाने की भूमिगत योजना बनाते रहते हैं.
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की अपील की
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपाई जानते हैं कि पढ़लिखकर लोग नौकरीरोजगार मांगेंगे, जो भाजपा सरकार देना ही नहीं चाहती है. नौकरीभर्ती भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं. जब हमारे प्राइमरी स्कूल बंद किये गये तो हमारे सजग शुभचिंतकों ने पीडीए पाठशाला खोलकर, भाजपाई साज़िश नाकाम कर दी थी, इसीलिए अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है.
उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रहा ये हमला, हर समाज के विद्यार्थियों के विरुध्द भाजपाई संगीसाथियों की एक बेहद घिनौनी साजिश है. उन अपंजीकृत लोगों के अपने सभी स्कूलविद्यालय चल रहे हैं लेकिन दूसरों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफा कार्रवाई का षड्यंत्र रचा जा रहा है, जो अति निंदनीय है.



