अपना खुद का घर खरीदना हर किसी का सपना होता है. घर खरीदने के लिए लोग होम लोन भी लेते हैं, लेकिन होम लोन को चुकाने में कई साल लग जाते हैं. ऐसे में जब लोगों की इनकम बढ़ती है तो उसे जल्द खत्म करने के बारे में सोचते हैं या उसे पूरी तरह बंद कर देते हैं. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। अगर आप भी होम लोन की किस्तें भर रहे हैं और उसे पहले भरकर जल्दी खत्म करने का सोच रहे हैं तो जरा ठहर जाइए. पहले जान लीजिए होम लोन को समय से पहले फोर्स क्लोज करना बेहतर होता है या उस पैसे को कहीं और निवेश करना बेहतर माना जाता है.

इस सवाल का एक ही जवाब सभी लोगों के लिए सही नहीं हो सकता. सही फैसला आपकी आर्थिक स्थिति, लोन की अवधि, ब्याज दर और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों पर निर्भर करता है.

अगर लोन नया है तो प्रीपेमेंट करना फायदेमंद

होम लोन के शुरुआती सालों में आपकी EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में जाता है और मूल रकम बहुत कम घटती है. ऐसे में अगर आप बीचबीच में कुछ अतिरिक्त रकम जमा करके लोन का प्रीपेमेंट करते हैं, तो आपका बकाया लोन तेजी से कम हो सकता है. इससे पूरे लोन की अवधि में आपको काफी ब्याज बचाने का मौका मिलता है.

अगर लोन खत्म होने वाला है तो निवेश बेहतर हो सकता है

अगर आपका होम लोन अंतिम कुछ वर्षों में है, तो आपकी EMI का ज्यादातर हिस्सा मूल रकम चुकाने में जाता है. ऐसे में प्रीपेमेंट करने से ब्याज की बचत बहुत ज्यादा नहीं होती. इस स्थिति में अतिरिक्त पैसे को म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, PPF या दूसरे लंबे समय के निवेश विकल्पों में लगाना ज्यादा समझदारी हो सकती है.

निवेश और ब्याज दर की सही तुलना करें

कई लोग सोचते हैं कि अगर निवेश से मिलने वाला रिटर्न होम लोन की ब्याज दर से ज्यादा है, तो निवेश करना ही सही रहेगा. लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में मिलने वाला रिटर्न तय नहीं होता. बाजार ऊपरनीचे होता रहता है. दूसरी तरफ, होम लोन का प्रीपेमेंट करने पर ब्याज की बचत निश्चित होती है. इसलिए फैसला करते समय संभावित रिटर्न नहीं, बल्कि टैक्स के बाद मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को ध्यान में रखें.

इमरजेंसी फंड कभी खत्म न करें

कई लोग लोन जल्दी खत्म करने के लिए अपनी पूरी बचत लगा देते हैं. लेकिन अगर बाद में मेडिकल इमरजेंसी, नौकरी जाने या किसी बड़े खर्च की नौबत आ जाए, तो उन्हें फिर से कर्ज लेना पड़ सकता है. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसलिए लोन का प्रीपेमेंट करने से पहले अपने पास कम से कम 6 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड जरूर रखें.