Ankit Baliyan Murder Case: उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। यूपी एसटीएफ ने वारदात को अंजाम देने वाले चार संदिग्ध शूटरों की पहचान कर ली है। जांच में सामने आया है कि चारों हरियाणा के हिसार और रोहतक के रहने वाले हैं। अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए हरियाणा और दिल्ली में लगातार दबिश दे रही है।

चारों शूटरों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला

पुलिस की जांच में सामने आया है कि चारों संदिग्धों में से एक पहले भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। वहीं, बाकी तीन आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। वे छोटेमोटे अपराधों में शामिल रहे हैं। एसटीएफ ने इन सभी के पुराने मामलों और उनके संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अब जांच का सबसे अहम सवाल यह है कि अंकित बालियान की हत्या की साजिश किसने रची और इन शूटरों को वारदात के लिए किसने तैयार किया? पुलिस इसी कड़ी को जोड़ने में जुटी है।

पुलिस की दबिश बढ़ी तो बंद कर दिए मोबाइल

अंकित की हत्या के बाद हरियाणा पुलिस ने संदिग्ध शूटरों के घरों और उनसे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। उनके परिवार के सदस्यों और करीबियों से भी पूछताछ की गई। पुलिस की गतिविधियां बढ़ने के बाद चारों संदिग्धों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और फरार हो गए। अब पुलिस उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है।

कॉल डिटेल और WhatsApp चैट भी जांच के घेरे में

जांच अब केवल चार शूटरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस अंकित बालियान के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और WhatsApp मैसेजिंग हिस्ट्री की भी जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इससे हत्याकांड से जुड़े दूसरे लोगों और शूटरों की मदद करने वाले नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

हत्या में ऑटोमेटिक पिस्टल के इस्तेमाल की बात

वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों को लेकर भी पुलिस को अहम जानकारी मिली है। जांच के मुताबिक, हत्या में दो ऑटोमेटिक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। इनसे 32 और 30 कैलिबर की गोलियां चलाई गईं। पुलिस के अनुसार, 30 कैलिबर की गोलियों का इस्तेमाल अधिक हुआ।

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सात जिलों की पुलिस, 8 टीमें जांच में जुटीं

अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के लिए मेरठ जोन के सात जिलों के पुलिस अधिकारियों की आठ टीमें लगाई गई हैं। ये टीमें हरियाणा और दिल्ली में संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल पुलिस का सबसे बड़ा फोकस चारों संदिग्ध शूटरों को पकड़ना है। इसके साथ ही जांच एजेंसियां उस पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं, जिसने कथित तौर पर अंकित बालियान की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम तक पहुंचाने में मदद की।

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