फतेहपुर : थरियांव थाना क्षेत्र में पुलिस की कथित लापरवाही ने एक और मासूम जिंदगी लील ली.तीन दिन तक थाने के चक्कर काटती रही 18 वर्षीय युवती की फरियाद जब नहीं सुनी गई, तो आहत होकर उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली.घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है.
शादी के घर में घुसकर मारपीट का आरोप
थरियांव थाना क्षेत्र के औराई गांव निवासी बसंत लाल दिवाकर ने बताया कि 15 फरवरी को उनके छोटे बेटे की शादी थी.घर के बाहर सीसी रोड पर बर्तन मांजे जा रहे थे.इसी बात को लेकर गांव के दबंग रमेश और राजा गाली-गलौज करने लगे.आरोप है कि घर में पुरुष सदस्य न होने का फायदा उठाकर वे अपने करीब 10 साथियों को बुला लाए और घर में घुसकर उनकी बेटी खुशबू देवी व बहू सविता के साथ मारपीट की, उन्हें सड़क पर घसीटकर पूरे मोहल्ले के सामने बेइज्जत किया.
परिजनों का कहना है कि उसी दिन थाने में लिखित शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने डांटकर भगा दिया. अगले दिन भी गुहार लगाई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
“समय पर कार्रवाई होती तो बेटी जिंदा होती”
बसंत लाल का आरोप है कि पुलिस की अनदेखी और अपमान से आहत होकर उनकी 18 वर्षीय पुत्री खुशबू देवी ने रविवार शाम घर के अंदर दरवाजे की कुंडी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते दबंगों पर कार्रवाई की जाती तो यह कदम न उठाना पड़ता.
शव उठाने से इनकार, उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने थरियांव पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया.उन्होंने उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने और न्याय की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया.मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही
पुलिस का दावा — मुकदमा दर्ज
थरियांव थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा आरोपियों के परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
हालांकि बड़ा सवाल यही है कि जब पीड़िता तीन दिनों से न्याय की गुहार लगा रही थी, तब पुलिस क्यों खामोश रही? क्या एक और बेटी की जान जाने के बाद ही सिस्टम जागेगा? अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर क्या ठोस कार्रवाई होती है.
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