स्ट्रीट फूड आमतौर पर सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है। इनमें कैलोरी, सैचुरेटेड फ़ैट, चीनी और सोडियम की मात्रा ज़्यादा होती है जिससे वजन बहुत तेजी से  बढ़ता है। लेकिन कुछ स्ट्रीट फूड ऐसे भी होते हैं जो टेस्ट बड्स को भी शांत करते हैं और वजन भी नहीं बढ़ने देते हैं। आप तेल में तले हुए स्नैक्स के बजाय भुने हुए, भाप में पकाए हुए या उबले हुए ऑप्शन चुनकर स्ट्रीट फ़ूड के चटपटे स्वाद का मज़ा ले सकते हैं और साथ ही अपनी सेहत के लक्ष्यों को भी पूरा कर सकते हैं। चलिए जानते हैं वे स्ट्रीट फ़ूड कौन से हैं?

डाइटिंग करने वाले भी खा सकते हैं ये स्ट्रीट फूड, स्वाद तो मिलेगा ही और वजन भी नहीं बढ़ेगा
डाइटिंग करने वाले भी खा सकते हैं ये स्ट्रीट फूड, स्वाद तो मिलेगा ही और वजन भी नहीं बढ़ेगा

सेहतमंद स्ट्रीट फ़ूड के ऑप्शन:

  • भेल पूरी: भेलपूरी एक ऐसा स्ट्रीट फूड है जिसे लोग बेहद चाव से खाना पसंद करते हैं। अगर आप डाइट पर हैं तब भी इसका सेवन कर सकते हैं। भेल पूरी मुरमुरे से बनाई जाती है और इसमें चटनियाँ मिलाई जाती हैं। इसमें फ़ैट की मात्रा कम और फ़ाइबर की मात्रा ज़्यादा होती है, जो इसे एक ताज़गी भरा और सेहतमंद नाश्ता बनाता है। यह पेट के लिए भी काफ़ी हल्का होता है।

  • चना चाट और भुना हुआ चना: उबले हुए काले चने, जिन्हें प्याज़, टमाटर और नींबू के साथ मिलाया जाता है; इसमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं, जबकि कैलोरी बहुत कम होती है। भुने हुए चने में फ़ाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो वज़न को कंट्रोल रखने में मददगार है और पेट की सेहत को बेहतर बनाता है। भुने हुए चने में आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे ज़रूरी पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

  • भुना हुआ भुट्टा: भुना हुआ भुट्टा एक ऐसा नाश्ता है जिसमें बहुत कम प्रोसेसिंग की जाती है। यह फ़ाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह दिल की सेहत को बेहतर बनाता है और पाचन क्रिया में भी मदद करता है।

  • शकरकंद: शकरकंद में बीटाकैरोटीन, फ़ाइबर और विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को लगातार और लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करती है, साथ ही यह त्वचा और बालों की सेहत के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होती है। पारंपरिक तले हुए स्नैक्स के मुकाबले शकरकंद एक स्वादिष्ट और सेहतमंद विकल्प है।

इन बातों पर भी दें ध्यान:

स्ट्रीट फूड में कैलोरी की मात्रा ज़्यादा होती है इसलिए इनका सेवन कम मात्रा में करें। तले हुए खाने के बजाय ग्रिल्ड, स्टीम्ड या रोस्टेड को प्रायोरिटी दें, क्योंकि तले हुए खाने में अनहेल्दी फ़ैट ज़्यादा होता है। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट के मिश्रण का लक्ष्य रखें। अलगअलग तरह के खाद्य समूहों को शामिल करने से आपको ज़्यादा संतुष्ट और पोषित महसूस करने में मदद मिल सकती है।