Noida dirty water issue: नोएडा के सेक्टर 19 और सेक्टर 40 में बीते 6 दिनों से टंकी में पीले, मटमैले और काले रंग का पानी आने से हड़कंप मचा हुआ है. निवासियों का आरोप है कि पानी पीने योग्य नहीं है और उसमें बदबू भी आ रही है. हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई परिवार पीने और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बाजार से पानी खरीदने को मजबूर हो गए हैं. गर्मियों के बीच हुए जल संकट और दूषित पानी ने स्वास्थ्य चिंताएं भी बढ़ा दी हैं. खासकर बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवारों में डर का माहौल है कि कहीं यह पानी किसी बीमारी की वजह न बन जाए.

Dirty Water Supply in Noida: नोएडा के लोगों को ‘काला पानी की सजा’! 6 दिन से आ रहा गंदा पानी, कब होगा समाधान?
Dirty Water Supply in Noida: नोएडा के लोगों को ‘काला पानी की सजा’! 6 दिन से आ रहा गंदा पानी, कब होगा समाधान?

सेक्टर के निवासियों के मुताबिक पिछले छह दिनों से लगातार यह स्थिति बनी हुई है. कभी हल्का पीला पानी आता है तो कभी एकदम काला और कीचड़ जैसा पानी आता है. कुछ समय के लिए पानी साफ हुआ, लेकिन फिर से वही गंदगी लौट आई है.

उनका यह भी कहना है कि यह कोई एक दिन की तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही का संकेत है. लगातार कई दिनों तक गंदा पानी आना सीधे सप्लाई सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है और इसकी शिकायत भी कई बार की जा चुकी है, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं. उनका सवाल है कि अगर पाइपलाइन में कहीं कोई दिक्कत या तकनीकी खराबी है, तो अब तक इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.

लीकेज और जर्जर पाइपलाइन पर उठे सवाल

नोएडा के सेक्टर 19 और 40 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि असली वजह पाइपलाइन लीकेज, ब्लॉकेज और रखरखाव की कमी है. उनका कहना है कि कई जगह पुरानी पाइपलाइन जर्जर है और सीवर लाइन या गंदगी के संपर्क में आने से सप्लाई दूषित हो रही है.

सेक्टर 19 के आरडब्ल्यूए प्रेजिडेंट आर.सी. गुप्ता ने बताया कि प्राधिकरण को कई बार लिखित में इसकी शिकायत की जा चुकी है. उनका कहना है कि यह महज गर्मी या खनिज जमाव का मामला नहीं, बल्कि सप्लाई नेटवर्क की गहरी समस्या है. उन्होंने बताया कि घर में बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं, लगातार आ रहे दूषित पानी से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, लेकिन समस्या अभी भी बरकरार है.

दिन में दो बार सप्लाई, फिर भी शिकायतें बरकरार

सेक्टर के निवासियों का यह भी कहना है कि सेक्टर में सुबह 6 से 9 बजे और शाम 6 से 8 बजे तक पानी की सप्लाई दी जाती है. सप्लाई शुरू होने पर पानी ज्यादा गंदा आता है, जबकि अंत की ओर थोड़ा साफ होने लगता है. लोगों का कहना है कि अगर पुरानी पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है, तो उन्हें अब तक क्यों नहीं बदला गया.

निवासियों का यह भी कहना है कि गंदे पानी से सबसे बड़ी चिंता स्वास्थ्य को लेकर है. दूषित पानी से पेट संबंधी संक्रमण, त्वचा रोग और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. कई परिवार फिलहाल खाना बनाने तक के लिए फिल्टर या पैकेज्ड पानी का सहारा ले रहे हैं.

प्राधिकरण ने गर्मी और पाइप फ्लशिंग को बताया कारण

नोएडा प्राधिकरण के जल एवं सीवर विभाग के महाप्रबंधक आर.पी. सिंह ने बताया कि गर्मी के कारण पाइपों में जमे खनिज और तलछट पानी में घुलने से रंग बदल गया है. उनके मुताबिक पाइपलाइन की फ्लशिंग कराई गई थी और स्थिति नियंत्रण में लाने का प्रयास किया गया है. हालांकि कई ब्लॉकों में गंदा एवं दूषित पानी निकलने की शिकायत मिली थी.

मौके पर टीम को भेजा गया है और जहांजहां पाइपलाइन टूटी हुई या जर्जर थी, उन्हें ठीक कराया गया है. फिलहाल सेक्टर में साफ पानी आ रहा है, लेकिन फिर भी अगर कहीं कोई शिकायत मिलती है तो वहां तत्काल टीम भेजी जाएगी, ताकि लोगों को साफ और स्वच्छ पानी मिल सके.