दिल्ली से महोबा जा रही एक बस में ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात हुई इस घटना में 20 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं, 90 प्रतिशत से अधिक जल चुके शवों की पहचान चुनौती बन गई है।

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने के बाद जले शवों की पहचान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। हादसे में कई शव 90 प्रतिशत से अधिक जल चुके हैं। बस पूरी तरह जलने के कारण यात्रियों के पास मौजूद पहचान संबंधी दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
अभी तक कुछ मृतकों की ही पहचान हो सकी है, जबकि सात शवों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से अज्ञात शवों की पहचान के लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण तरीका डीएनए जांच है। पोस्टमॉर्टम के दौरान अज्ञात शवों के नमूने लेकर संभावित परिजनों के रक्त या अन्य जैविक नमूनों से डीएनए मिलान कराया जा सकता है। इससे मृतक की पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि की जा सकती है।



