हिमाचली खबर: कई लोगों में लगातार सिरदर्द, भूलने की आदत या मूड में बदलाव जैसी समस्याएँ होती हैं, फिर भी लोग उन लक्षणों को तनाव, काम के दबाव या बढ़ती उम्र का अनिवार्य परिणाम मानकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये लक्षण ब्रेन ट्यूमर जैसी बीमारियों के शुरुआती लक्षण भी हो सकते हैं। डॉ। प्रवीण गुप्ता, चेयरमैन, मैरिंगो एशिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो एंड स्पाइन बताते हैं कि ब्रेन ट्यूमर का जल्द पता चलना उपचार के परिणामों को बेहतर बना सकता है।

इन लक्षणों को न करें नज़रअंदाज़
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लगातार सिरदर्द: हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत नहीं होता, लेकिन यदि सिरदर्द पहले की तुलना में अधिक बार होने लगे, धीरेधीरे बढ़ता जाए या सुबह के समय अधिक महसूस हो, तो इसकी जांच करानी चाहिए। कई मरीज इसे तनाव या माइग्रेन समझकर लंबे समय तक अनदेखा कर देते हैं।
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याददाश्त में कमी: अगर किसी व्यक्ति को रोजमर्रा की बातें भूलने, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई या निर्णय लेने में परेशानी होने लगे, तो यह केवल मानसिक थकान का परिणाम नहीं भी हो सकता। ब्रेन के कुछ हिस्सों पर दबाव पड़ने से सोचने और याद रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
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व्यवहार में बदलाव: अचानक चिड़चिड़ापन बढ़ जाना, छोटीछोटी बातों पर गुस्सा आना, सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाना या स्वभाव में असामान्य परिवर्तन भी चेतावनी संकेत हो सकते हैं। कई बार परिवार के सदस्य इन बदलावों को मरीज से पहले नोटिस करते हैं।
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धुंधला दिखाई देना: यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के नजर कमजोर होने लगे, चीजें धुंधली दिखें या दोहरी दिखाई दें, तो इसे केवल आंखों की समस्या मानकर नहीं छोड़ना चाहिए। कुछ ब्रेन ट्यूमर दृष्टि नियंत्रित करने वाले हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं।
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शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन: हाथ या पैर में अचानक कमजोरी महसूस होना, चीजें पकड़ने में कठिनाई होना या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन आना भी महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। इसे अक्सर थकान या नस दबने की समस्या समझ लिया जाता है।
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बारबार लड़खड़ाना: चलते समय असंतुलन महसूस होना, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी या बिना कारण बारबार गिरना भी ब्रेन से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। यदि यह समस्या लगातार बनी रहे तो न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं, “इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को ब्रेन ट्यूमर है। परन्तु अगर ये लक्षणों में से कोई एक या एक से अधिक लगातार बने रहें, समय के साथ बढ़ें तो न्यूरोलॉजिस्ट से जरूर संपर्क करें। एमआरआई और अन्य चेकअप से सही कारण पता चल सकता है



