तरबूज एक रसदार फल है और ये ठंडी तासीर का भी होता है, इसलिए गर्मी में इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है. ये आपके शरीर में पानी की पूर्ति करने से लेकर कई तरह से फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा भी पाई जाती है. कई बार देखने में आता है कि तरबूज खाने के बाद कुछ लोगों की तबीयत भी बिगड़ जाती है. दरअसल तरबूज एक अच्छा फल है, लेकिन इसे खरीदने से लेकर इसे खाने तक कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक होता है. इस आर्टिकल में फिजिशियन डॉ मीनाक्षी से इस बारे में डिटेल के साथ जानेंगे कि कब तरबूज आपकी सेहत को नुकसान कर सकता है और इसे खाने में किन बातों को ध्यान में रखें.

के मुताबिक, तरबूज में तकरीबन 91 प्रतिशत पानी होता है. इसके अलावा इस फल में नेचुरल शुगर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम, फ्लोराइड, फोलेट, कोलाइन, विटामिन सी, विटामिन ए , लाइकोपीन, ल्यूटिन, जैंक्सांथिन, जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं. तो चलिए जान लें कि तरबूज खाने में क्या सावधानियां बरतें.
ये सावधानियां बरतना है जरूरी
एक्सपर्ट कहती हैं कि वाटरमेलन यानी तरबूज एक ऐसा फल है जि ग्राउंड पर यानी इसकी बेल जमीन पर फैली हुई होती है. इस वजह से इसमें कैंटैमनेशन के चांस ज्यादा हो जाते हैं. दूसरी चीज ये है कि अगर आपके काटने वाला चाकू या फिर कटिंग बोर्ड सही से वॉश नहीं किया गया है या फिर आपके हाथ अच्छे से नहीं धुले हैं तो भी इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. कई बार तरबूज को काटकर रूम टेम्परेचर पर रखकर छोड़ दिया जाता है और फिर इसे बाद में खाते हैं तो उससे भी बहुत जल्दी इंफेक्शन हो सकता है. दरअसल तरबूज और खरबूज ऐसे फल हैं जिनमें पानी बहुत ज्यादा होता है और इस वजह से बाकी फ्रूट्स जैसे सेब आदि के मुकाबले ये जल्दी खराब हो सकते हैं और बैक्टीरिया तेजी से पनप जाते हैं.
ये भी है इंफेक्शन की वजह
डॉ मीनाक्षी कहती हैं कि तरबूज एक वाटर रिच फ्रूट है और इसलिए ये हाइड्रेशन के लिए बहुत अच्छा है. यही वजह है कि गर्मियों में इसे खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन ये एक ऐसा फल है जो बहुत जल्दी इन्फेक्टेड हो सकता है. दरअसल कई बार लोग तरबूज को पकाने के लिए उसमें इंजेक्शन भी इंजेक्ट करते हैं. इस वजह से न सिर्फ उसमें केमिकल चला जाता है बल्कि उसका छिलका बीच से ब्रोक हो जाता है. इस वजह से भी तरबूज के अंदर बैक्टीरिया जा सकते हैं.
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कैसा तरबूज न खरीदें?
अगर आप तरबूज खरीद रहे हैं तो सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है. वो तरबूज बिल्कुल भी नहीं खरीदना चाहिए जिसमें कट लगा हुआ हो या फिर बीच से चटका हुआ हो. ऐसे तरबूज से इंफेक्शन होने के चांस ज्यादा रहते हैं.
ऐसा तरबूज खाने से बचें
मार्केट में तरबूज इकट्ठी खेप में आते हैं और इस वजह से जरूरी नहीं है कि आपको फ्रेश तरबूज मिल पाए. ऐसे में जब आप तरबूज लेकर आएं तो इसे काटने के बाद चेक करें कि तरबूज अंदर से पीलापीला दिख रहा है या फिर स्लाइमी हे तो इसे बिल्कुल भी न खाएं. खरीदने के दौरान भी ये चेक करें कि तरबूज ऊपर से देखने में ताजा लग रहा है या फिर नहीं. इसके अलावा ध्यान रखें कि तरबूज को हमेशा अच्छे से धोकर खाना चाहिए.
इसमें भी बरतें सावधानियां
हाल ही में मुंबई से एक ऐसी घटना आई, जिसे सुनने के बाद न सिर्फ सब हैरान रह गए बल्कि इसने अंदर तक झकझोर दिया. दरअसल एक ही फैमिली के चार सदस्यों की मौत बिरयानी और तरबूज खाने के बाद हो गई. एक्सपर्ट इसका कनेक्शन नहीं मानते हैं, लेकिन वह कहते हैं कि गर्मी के मौसम में फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए हर चीज को खाते वक्त सावधानी बरतनी होती है. जैसे तरबूज के अलावा चिकन या किसी भी तरह का नॉनवेज खा रहे हैं तो ये फ्रेश होना चाहिए और सही से पकाकर ही खाएं. दरअसल मीट में भी तेजी से बैक्टीरिया पनपते हैं जो कई बार आपकी हेल्थ को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं.



