सिद्धार्थनगर: भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों के काले कारोबार के विरुद्ध मोहाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है.
आपको बता दें रविवार, 15 फरवरी को टीम ने घेराबंदी कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया, जो प्रतिबंधित दवाओं की खेप नेपाल भेजने की फिराक में थे. पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में कोडीन सिरप और नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं.
चेकिंग के दौरान पकड़े गए तस्कर
क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के कुशल पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह और एसएसबी की 66वीं वाहिनी सड्डा मोड़ के पास गश्त पर थी. इसी दौरान पननी की ओर से आ रही एक पल्सर बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को देख भागने लगे. टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें दबोच लिया. तलाशी में उनके पास रखे गत्ते के डिब्बे से 119 शीशी कोडीन सिरप और 160 नशीले कैप्सूल बरामद हुए.
मुख्य सप्लायर भी पुलिस की गिरफ्त में
पकड़े गए आरोपियों की पहचान इमरान (निवासी सिकरी बाजार) और सुहैल उर्फ मोहम्मद नसीम (निवासी रुपनदेही, नेपाल) के रूप में हुई है. कड़ाई से पूछताछ में इन्होंने बताया कि तस्करी का यह माल चैनपुर निवासी विजयशेखर यादव ने उपलब्ध कराया था. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सप्लायर विजयशेखर को भी गिरफ्तार कर लिया है.
बरामदगी का विवरण:
119 शीशी प्रतिबंधित कोडीन सिरप.
160 स्पास-प्रॉक्स कैप्सूल.
एक पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन.
18,305 रुपये (भारतीय व नेपाली मुद्रा).
कड़ी कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है. इस सफल अभियान में एसएसबी निरीक्षक प्रदीप कुमार, उपनिरीक्षक सर्वेश यादव और चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह की अहम भूमिका रही. सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अब निगरानी और तेज कर दी है.