Delhi Seemapuri Building Collapse: राजधानी दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक चार मंजिला बिल्डिंग भरभराकर गिर गई. हादसे में आसपास की दो बिल्डिंगें भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं. अब तक 7 लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है. वहीं स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर 4 से 5 लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है. मौके पर पुलिस और रेस्क्यू टीमें राहतबचाव अभियान चला रही हैं. मलबे में दबी एक महिला ने अपने पिता के पास फोन भी किया और कहा कि वह और उसकी बेटी दोनों मलबे में फंसे हैं. जल्द उन्हें बाहर निकालें. इसके बाद से महिला के पिता काफी परेशान हैं.

न्यू सीमापुरी में अचानक भरभराकर गिरी इमारत
बता दें कि न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब ई401, ईब्लॉक में बनी एक बहुमंजिला बिल्डिंग अचानक गिर गई. जानकारी के मुताबिक, यह इमारत करीब 25 गज के प्लॉट पर बनी थी. इमारत गिरने से उसके आसपास की दो अन्य इमारतों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है. हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम लगातार जारी है.
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अब तक 7 लोगों का रेस्क्यू
शाहदरा के डीएम अजय कुमार ने बताया कि हादसे के बाद अब तक 7 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. रेस्क्यू किए गए लोगों में करीब 3 साल का एक बच्चा भी शामिल है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. डीएम अजय कुमार के मुताबिक, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर 4 से 5 लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है. हालांकि, मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या लिंटर और भारी मलबा पूरी तरह हटाए जाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.
मलबे में दबी महिला ने पिता को फोन किया
हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है. परिजनों का कहना है कि मलबे में दबे कुछ लोगों के मोबाइल फोन पर संपर्क हो रहा है. एक महिला के परिजन ने बताया कि महिला ने खुद अपने पिता को फोन कर जानकारी दी थी कि वह और उसकी बेटी इमारत के मलबे के नीचे दबे हुए हैं. परिजन का दावा है कि महिला की ओर से फोन आने के बावजूद उन्हें घटनास्थल पर जाकर उससे मिलने नहीं दिया जा रहा है. परिजन लगातार रेस्क्यू टीम से महिला और उसकी बेटी को जल्द बाहर निकालने की अपील कर रहे हैं.
हादसे के वक्त आसपास मौजूद थे लोग
डीएम अजय कुमार ने बताया कि जिस जगह इमारत गिरी, उसके सामने रास्ते में कुछ लोग कूड़ा बीनने का काम करते थे. इसके अलावा वहां बच्चे भी खेलते रहते थे. ऐसे में आशंका है कि हादसे के वक्त आसपास मौजूद कुछ लोग भी मलबे की चपेट में आ गए हों. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में मदद की. कुछ लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से मलबे से बाहर निकाला गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
फिलहाल प्रशासन, पुलिस और राहतबचाव टीम मौके पर मौजूद हैं. भारी मलबे और लिंटर को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या और नुकसान की पूरी जानकारी सामने आ पाएगी. फिलहाल प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने की है.



