स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की चर्चा इन दिनों काफी ज्यादा है. कहीं SIR लिस्ट में गड़बड़ी मिल रही है, तो कहीं फॉर्म में बदलाव किए जा रहे हैं. इसी बीच पंबाज में भी SIR पूरा हो चुका है, जिसमें 13 लाख नाम काटे गए हैं और 7 लाख नए नामों को जोड़ा गया है. लिस्ट सामने आने के बाद से पंजाब की किसी भी पार्टी ने आपत्ति नहीं जताई है.

पंजाब में मतदाता सूची के SIR की जिम्मेदारी संभालने की बात आती है तो पहला नाम राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी IAS अनिंदिता मित्रा का आता है. अनिंदिता मित्रा 2007 बैच की पंजाब कैडर की IAS अधिकारी हैं. प्रशासनिक सेवा में अपने लंबे अनुभव के बाद उन्हें जनवरी 2026 में पंजाब का मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाया गया.
जनवरी 2026 में मिला था पद
अनिंदिता मित्रा ने सिबिन सी की जगह पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का पद संभाला उनके नेतृत्व में SIR की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया. इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों की मदद से मतदाताओं तक पहुंचने, डॉक्यूमेंट्स से जुड़ी समस्याएं सुलझाने और पात्र लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल रखने पर जोर दिया गया.
कौन हैं IAS अनिंदिता मित्रा?
अनिंदिता मित्रा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारी केवल चुनाव की तैयारियों तक सीमित नहीं है. मतदाता सूची को सही रखना, नए पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाना, गलतियों को ठीक कराना और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना भी उनके काम का अहम हिस्सा है. उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई, जब पंजाब में मतदाता सूची की व्यापक जांच और सुधार की तैयारी चल रही थी.
इंजीनियरिंग से IAS तक का सफर
अनिंदिता मित्रा का एजुकेशनल बैकग्राउंड इंजीनियरिंग का है. उन्होंने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना और भारतीय प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई. IAS बनने के बाद उन्होंने पंजाब में अलगअलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं. जिला स्तर से लेकर राज्य सरकार के विभागों तक काम करने के अनुभव ने उन्हें प्रशासन की विभिन्न चुनौतियों को करीब से समझने का अवसर दिया.
संभाली हैं कई सारी जिम्मेदारियां
अनिंदिता मित्रा ने अपने प्रशासनिक करियर में सचिव, निदेशक, उपायुक्त, विशेष सचिव, सहायक आयुक्त और उपविभागीय मजिस्ट्रेट सहित कई अहम पदों पर काम किया है. इसके अलावा वह प्रबंध निदेशक, संयुक्त विकास आयुक्त और आयुक्त की जिम्मेदारियां भी संभाल चुकी हैं.
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनने से पहले वह राज्य सरकार के उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा और भाषा विभागों से जुड़ी थीं. विभिन्न विभागों में काम करने के अनुभव से उन्हें सरकारी योजनाओं के संचालन, प्रशासनिक समन्वय और जनहित से जुड़े मुद्दों को समझने का अवसर मिला. अब वह इसी अनुभव के साथ पंजाब में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
पंजाब में SIR में काटे गए 13 लाख नाम
पंजाब में SIR के बाद 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई. इसके मुताबिक, राज्य में कुल 2,01,00,727 मतदाता हैं, जबकि 7,97,263 नए मतदाता जोड़े गए. अंतिम लिस्ट में 1,03,76,026 पुरुष, 97,24,195 महिला और 506 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. SIR से पहले पंजाब में 2,14,61,043 मतदाता थे, यानी कुल 13,60,316 की कमी दर्ज की गई. इस प्रक्रिया के दौरान 35,49,036 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए और जांच के बाद 86,038 लोग अयोग्य पाए गए. राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या भी 24,453 से बढ़कर 25,332 हो गई.
इस दौरान जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुए थे या जिनके दस्तावेज जमा होने बाकी थे, उनसे संपर्क करने की व्यवस्था की गई. अनिंदिता मित्रा के मुताबिक, जहां जरूरी हो, वहां BLO मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज जुटा सकते हैं, ताकि उन्हें हर बार निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस न जाना पड़े. इसके अलावा जिन क्षेत्रों में काम बाकी था, वहां स्पेशल शिविर लगाए गए और जिला निर्वाचन अधिकारियों और ERO के कार्यालयों में हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई थी.



