Delhi Seemapuri Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसे के एक महीने बाद न्यू सीमापुरी में भी उसी तरह का एक हादसा हुआ. एक चार मंजिला इमारत भरभराकर गिर पड़ी. मलबे से अब तक 11 लोगों को बाहर निकाला गया है. इनमें से तीन लोगों की मौत हो गई. स्थानीय निवासियों के मुताबिक, बीते मंगलवार रात आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें आ गई थीं. बुधवार को मकान मालिक इसे खाली भी करवा रहा था. इसी बीच दोपहर करीब 3:15 बजे के बीच इमारत ढह गई. इलाका काफी भीड़भाड़ वाला है. ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पांच लोग अभी भी मलबे में दबे हैं.

25 गज में बनी थी पुरानी इमारत
हादसा उत्तरपूर्वी दिल्ली के नई सीमापुरी में ईदगाह मछली मंडी के पास हुआ. बताया गया कि इमारत करीब 20 से 25 साल पुरानी थी और इसमें लोग रह रहे थे. यह इमारत DUSIB की जमीन पर करीब 25 वर्ग गज के प्लॉट में बनी थी. इसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन ऊपरी मंजिलें थीं. इमारत गिरने से आसपास की कुछ इमारतों की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं. पास की मस्जिद की बाउंड्री वॉल को भी नुकसान पहुंचा है.
1520 मिनट में पहुंचीं रेस्क्यू टीमें
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD और DDMA की टीमें मौके पर पहुंच गईं. अधिकारियों के मुताबिक, करीब 15 से 20 मिनट के अंदर राहत और बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई थीं. बाद में NDRF की टीम भी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया. भारी मलबे और लिंटर को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
5 लोगों के दबे होने की आशंका
शाहदरा के डीएम अजय कुमार ने बताया कि अभी तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है. स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पांच लोगों के अभी भी अंदर दबे होने की आशंका है. हालांकि, मलबा और लिंटर पूरी तरह हटने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कितने लोग अंदर फंसे हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी चल रहा है.
मलबे में दबी महिला ने पिता को किया फोन
हादसे के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई है. स्थानीय लोगों और परिजनों का दावा है कि मलबे में दबे कुछ लोगों के फोन आ रहे हैं. एक महिला ने अपने पिता को फोन कर बताया कि वह और उसकी बेटी मलबे के नीचे फंसी हुई हैं. महिला के परिजन लगातार रेस्क्यू टीम से दोनों को जल्द बाहर निकालने की अपील कर रहे हैं.
डीएम के मुताबिक, इमारत के सामने रास्ते पर कुछ लोग कूड़ा बीनने का काम करते थे और वहां बच्चे भी खेलते थे. ऐसे में आशंका है कि इमारत गिरने के दौरान आसपास मौजूद कुछ लोग भी मलबे की चपेट में आए हों. स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू टीमों के पहुंचने से पहले मलबे से लोगों को निकालने में मदद की. फिलहाल NDRF, MCD, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और DDMA की संयुक्त टीमें मलबा हटाने और लोगों की तलाश में जुटी हैं.
8 घायलों का राजीव गांधी अस्पताल में चल रहा इलाज
अब तक मलबे से 11 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें 8 घायलों को इलाज के लिए राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर भेजा गया है. घायलों में 56 वर्षीय मोमिन मिर्जा, 3 वर्षीय अबदान, 28 वर्षीय अब्दुल रहमान, 28 वर्षीय देवरुद्दीन, 50 वर्षीय सलमा, 34 वर्षीय छोटे, 35 वर्षीय सकीना और 30 वर्षीय समद शामिल हैं.
हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों में करीब 12 वर्षीय एक अज्ञात बच्ची, 21 वर्षीय गुलफसा, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं, और एक बच्चा शामिल है. फिलहाल मृत बच्चे की पहचान नहीं हो सकी है. मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है. प्रशासन व रेस्क्यू टीम मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं.



