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नोएडा के सेक्टर-66 के मामूरा गांव में दूसरी पत्नी की हत्या के मामले में फेज-3 थाना पुलिस ने पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी पति को शक था कि उसकी दूसरी पत्नी का किसी युवक से अवैध संबंध है. इसी संदेह के चलते 27 जुलाई को उसने साथियों के साथ मिलकर महिला की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया. मामले में एक आरोपी अभी फरार है.

पुलिस के मुताबिक, मामूरा गांव निवासी कांति देवी ने 20 अगस्त को फेज-3 थाने में शिकायत दी थी. कांति की शादी साल 2013 में फिरोजाबाद निवासी सुभाष चंद्र से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद सुभाष ने दूसरी शादी कर ली थी. उसकी दूसरी पत्नी का नाम भी कांति बताया गया है.

किसने कराया मामला दर्ज?

पहली पत्नी को जब दूसरी शादी की जानकारी हुई तो उसने एटा न्यायालय में सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. इसी बीच उसे दूसरी पत्नी के काफी समय से दिखाई नहीं देने पर शक हुआ. साथ ही सुभाष का भाई दीपक भी लगातार उसके पास आ रहा था. आरोपी द्वारा पहली पत्नी को धमकी दिए जाने के बाद पहली पत्नी का शक और बढ़ गया. जिसके बाद पहली पत्नी ने पुलिस को शिकायत दी कि हो सकता है पति ने दूसरी पत्नी की अपने भाई के साथ मिलकर हत्या कर दी हो.

पुलिस ने जब सुभाष को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने दूसरी पत्नी की हत्या की बात कबूल कर ली. पूछताछ में उसने बताया कि वह टेंपो चलाता है और दूसरी पत्नी के साथ मामूरा में रहता था. दोनों के कोई बच्चे नहीं थे. सुभाष ने पुलिस को बताया कि उसे शक था कि उसकी दूसरी पत्नी का पास में रहने वाले एक युवक से संबंध है. इसी बात को लेकर 27 जुलाई को दोनों के बीच विवाद हुआ. आरोप है कि विवाद के दौरान उसने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी.

कहां फेंका था शव?

हत्या के बाद आरोपी ने अपने साथियों की मदद से शव को टेंपो में रखा और मामूरा से करीब 50 किलोमीटर दूर दादरी थाना क्षेत्र में बुलंदशहर सीमा के पास कोट पुल से नहर में फेंक दिया. इसके कुछ दिन बाद 31 जुलाई को मथुरा जिले के सुरीर थाना क्षेत्र में नहर से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई थी. मथुरा पुलिस ने भी हत्या और सबूत छिपाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था.

कौन है फरार?

नोएडा पुलिस आरोपियों को लेकर मथुरा के सुरीर थाने पहुंची. वहां बरामद शव से संबंधित सामान और फोटो का आरोपियों से मिले फोटो से मिलान कराया गया. पहचान होने के बाद पुलिस ने मामले में सुभाष के अलावा उसके दो सहयोगियों सरविंद और नीरज को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, सुभाष का भाई दीपक अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है. सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है.