हिमाचली खबर: आज के डिजिटल लाइफस्टाइल में स्क्रीन पर घंटों बिताना हमारी मजबूरी बन चुका है, लेकिन क्या आपको अचानक चीजें धुंधली दिखने लगी हैं? या दूर की चीजों पर फोकस करने में आंखों पर ज्यादा जोर पड़ रहा है? आंखों की रोशनी का तेजी से कम होना या धुंधलापन एक ऐसा लक्षण है, जिसे अक्सर लोग सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी या किसी छिपी हुई बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है।

टोरंटो की प्राइवेट प्रैक्टिस डायटीशियन Leslie Beck के अनुसार, लोग आमतौर पर यह जानते हैं कि अच्छी डाइट दिल और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए जरूरी होती है, लेकिन बहुत कम लोग यह समझते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी को बचाने में भी खानपान की बड़ी भूमिका होती है। आंखों की अच्छी सेहत दिमागी कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर रखती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि आंखों के लिए सही डाइट क्यों जरूरी है? कौनकौन से विटामिन आंखों को हेल्दी रखने में मदद करते हैं।
आंखों के लिए सही डाइट क्यों जरूरी है?
हमारी आंखें शरीर के सबसे ज्यादा सक्रिय अंगों में शामिल हैं। आंख के पीछे मौजूद रेटिना लगातार रोशनी को नर्व सिग्नल में बदलता रहता है, जिसे दिमाग देखकर समझता है। चूंकि रेटिना लगातार रोशनी और ऑक्सीजन के संपर्क में रहता है, इसलिए उसमें ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का खतरा ज्यादा रहता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस ऐसी स्थिति है, जब शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा बढ़ जाती है और एंटीऑक्सीडेंट उन्हें नियंत्रित नहीं कर पाते। इससे उम्र से जुड़ी आंखों की बीमारियां जैसे मोतियाबिंद और मैक्युलर डिजनरेशन का खतरा बढ़ सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक कम उम्र से ही हेल्दी डाइट लेने से आंखों में ऐसे सुरक्षात्मक तत्व जमा होने लगते हैं, जो नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। वहीं उम्र बढ़ने के बाद भी खानपान सुधारने से आंखों की रोशनी लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है।
आंखों की रोशनी बचाने वाले जरूरी पोषक तत्व
ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन है जरूरी
ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन ये दोनों कैरोटिनॉइड आंखों के मैक्युला में पाए जाते हैं और हानिकारक ब्लू लाइट को फिल्टर करने का काम करते हैं। ये शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी हैं, जो आंखों में बनने वाले फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं। बॉडी में ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन की कमी को पूरा करने के लिए आप डाइट में पालक, केल, सरसों का साग, ब्रोकोली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, हरी मटर और अंडे की जर्दी का सेवन करें। एक्सपर्ट के मुताबिक इन्हें थोड़े हेल्दी फैट के साथ खाने से शरीर इन्हें बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है।
Vitamin C
Vitamin C आंखों के लेंस में पाया जाने वाला मजबूत एंटीऑक्सीडेंट है, जो ऑक्सीडेटिव नुकसान को कम करने में मदद करता है। बॉडी में विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए आप डाइट में शिमला मिर्च, ब्रोकोली, फूलगोभी, टमाटर का जूस, स्ट्रॉबेरी, संतरा, कीवी और आम का सेवन करें। रिसर्च के अनुसार पर्याप्त Vitamin C लेने से मोतियाबिंद का खतरा कम हो सकता है।
Vitamin E भी है आंखों के लिए जरूरी
Vitamin E आंखों की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करता है और सूजन को भी कम कर सकता है। बॉडी में इस विटामिन की भरपाई करने के लिए आप डाइट में सूरजमुखी का तेल, ऑलिव ऑयल,बादाम, मूंगफली, हेज़लनट, सूरजमुखी के बीज, पालक और Omega3 फैटी एसिड का सेवन करें। रिसर्च के मुताबिक मछली से मिलने वाले Omega3 फैट्स उम्र से जुड़ी आंखों की बीमारियों के खतरे को कम कर सकता हैं। ये आंखों की कोशिकाओं को लचीला बनाए रखता हैं और सूजन कंट्रोल करने में भी मदद करता है। बॉडी में विटामिन ई की कमी को पूरा करने के लिए आप डाइट में सैल्मन,सार्डिन,मेकेरल,ट्राउट,टूना मछली का सेवन करें।
Mediterranean Diet भी है आंखों के लिए जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक Mediterranean Diet आंखों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें शामिल फूड्स जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स, मछली, ऑलिव ऑयल आंखों को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। यह डाइट फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, Omega3 और एंटीइंफ्लेमेटरी तत्वों से भरपूर होती है, जो आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत किसी प्रमाणित नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।



