Ram Mandir Donation Row SIT Report: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। अब मुख्यमंत्री रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बड़ा अपडेट, SIT ने CM योगी को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट​
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बड़ा अपडेट, SIT ने CM योगी को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट​

ऐसा माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

13 जून को गठित की गई थी SIT

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था। टीम को मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

ट्रस्ट पदाधिकारियों को अयोध्या न छोड़ने के निर्देश

मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले एसआईटी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों और मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों से पूछताछ भी की गई है।

खबरों के मुताबिक, ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों में शामिल अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश: सीएम योगी

इस बीच ने हाल ही में इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अयोध्या और राम मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर संदेह पैदा किया जा रहा है, लेकिन सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार द्वारा गठित एसआईटी निष्पक्ष जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

योगी आदित्यनाथ ने यह टिप्पणी अयोध्या स्थित श्री मणिराम दास छावनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। यह आयोजन के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित किया गया था। राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर चल रही जांच के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें एसआईटी की रिपोर्ट पर सरकार द्वारा लिए जाने वाले अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।