Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: यूपी में अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में दाखिल जनहित याचिका पर आज 22 जून सोमवार को सुनवाई हो सकती है। आपको बता दें याचिका में सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच और कैग ऑडिट की मांग की गई है। एसआईटी ने भी 140 पन्नों की जांच रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। रविवार को सीएम से मुलाकात नहीं हो पाने की वजह से माना जा रहा है कि आज टीम सीएम योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंप सकती है।

सोमवार को हो सकती है सुनवाई
सोमवार की वाद सूची के अनुसार ये जनहित याचिका न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की ग्रीष्मकालीन अवकाश खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है। याचिकाकर्ता अधिवरक्ता मोहित अशोक ने बताया कि वह अदालत से इस मामले की शीघ्र सुनवाई का अनुरोध करेंगे।
उन्होंने बताया कि 19 जून को भी ये मामला अदालत के समक्ष आया था, लेकिन समय की कमी के कारण उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस याचिका पर 22 जून को सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
स्वतंत्र जांच और कैग ऑडिट की मांग
याचिका में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के रुप में प्राप्त धनराशि के कथित गबन की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है। साथ ही पूरे मामले का सीएजी से कराने की मांग रखी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी की जांच आवश्यक है। इसी कारण सीबीआई जांच की मांग भी याचिका में शामिल है।
SIT ने तैयार की 140 पन्नों की जांच रिपोर्ट
इस बीच मामले की जांच कर रही है SIT ने अपनी जांच प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। SIT ने लगभग 140 पन्नों की शुरुआती जांच रिपोर्ट बनाई है। माना जा रहा है कि आज 22 जून को SIT सीएम योगी को रिपोर्ट सौंप सकती है।
7 पेन ड्राइव में सेव किया डेटा
आपको बता दें SIT ने जांच के बाद 7 पेन ड्राइव में डेटा सेव कर लिया है। जानकारी के अनुसार एसआईटी की जांच में 6 दिन की जांच में 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। ऐसा माना जा रहा है इसमें उन 25 लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। जिनसे SIT पूछताछ कर चुकी है। अगले उन्हें अगले आदेश तक कहीं बाहर न जाने की चेतावनी दी गई है। इनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी शामिल हैं।
SIT मामले में आज या कल में FIR भी करा सकती है। चंपत राय के करीबी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अनुकल्प समेत 80 लोगों को नामजद किया जा सकता है। इसमें ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम भी बताए जा रहे हैं।
टिन्नू चंपत राय का करीबी है। दान राशि की गिनती से जुड़े काम देखता था। उस पर आरोप है कि 8 महीने की CCTV फुटेज डिलीट कराई। वहीं, अनुकल्प मिश्रा भी राम मंदिर में नौकरी करता है।


