कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर आरोप लगाए हैं. केसी वेणुगोपाल का दावा है कि महारैली करने के लिए अशोका होटल और रामलीला मैदान, दोनों जगह अनुमति नहीं दी गई. कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है.

केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, पहले अशोका होटल में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना थी. होटल इसके लिए तैयार था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया. इसके बाद रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी अनुमति मांगी गई, लेकिन वहां भी इजाजत नहीं मिली. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना और चुनाव व्यवस्था को शुद्ध करना है. उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार को उनके पद से नहीं हटाया जाता, कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी.

रामलीला मैदान में 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की मांगी थी अनुमति

कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने बताया कि रामलीला मैदान में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की अवधि के लिए अनुमति मांगी गई थी. इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी. कांग्रेस नेता ने इसको लेकर केंद्र और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, अनुमति नहीं दिए जाने के कारणों को लेकर दिल्ली पुलिस ने कोई बयान जारी नहीं किया है.

‘परमिशन न देने के पीछे मोदीशाह’

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि पार्टी की ओर से रामलीला मैदान में कार्यक्रम की तैयारी के दौरान पुलिस ने रोक लगा दी. उन्होंने इस कार्रवाई के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हाथ होने का आरोप लगाया. केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने 1 नवंबर को मार्च निकालने की योजना बनाई थी. इसके लिए रामलीला मैदान को 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बुक कराया गया था.

‘मोदी शाह डरे हुए हैं’

केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, इस अवधि के लिए अनुमति भी मिल गई थी. उन्होंने दावा किया कि दो दिन पहले जब पार्टी के कार्यकर्ता कार्यक्रम के लिए टेंट तैयार करने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. वेणुगोपाल ने कहा, ‘हमें नहीं पता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह इतने डरे हुए क्यों हैं कि वे एक छोटीसी सभा तक नहीं होने देना चाहते… हमने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम की घोषणा की थी.’

‘परमिशन न देने की वजह न बताई गई’

कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि हम अपने कार्यक्रम के लिए तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमारे लोगों को रोक दिया.. हमें इसकी वजह नहीं बताई गई… यह दिल्ली पुलिस का स्वतंत्र फैसला नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व का निर्णय है. उन्होंने कहा कि सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है. केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पुलिस की कार्रवाई के बावजूद अपने कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगी.

‘हम झुकने वाले नहीं है’

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘हम उनके दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं… हमें पता है कि कार्यक्रम कैसे करना है… दिल्ली में बहुतसी जगहें हैं, जहां हम प्रदर्शन कर सकते हैं.. दिल्ली पुलिस हमें कैसे रोक सकती है?’ वेणुगोपाल ने मतदाता सूची से कथित तौर पर वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ असली मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है और दूसरी तरफ लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों को भी रोकने की कोशिश की जा रही है.