आज के समय में कई लोग फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. स्मोकिंग को फेफड़ों की बीमारियों और लंग कैंसर के सबसे बड़े जोखिमों में से एक माना जाता है. फेफड़े हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक हैं, क्योंकि ये शरीर तक ऑक्सीजन पहुंचाने और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालने का काम करते हैं. कई लोग फेफड़ों की देखभाल पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, जिससे आगे चलकर गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

World Lung Cancer Day के मौके पर फेफड़ों की सेहत के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है. सिर्फ करने वाले ही नहीं, बल्कि कुछ रोजमर्रा की आदतें भी फेफड़ों को धीरेधीरे नुकसान पहुंचा सकती हैं. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसलिए फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए सही जानकारी होना और अच्छी आदतें अपनाना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं कौन सी आदतें फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं, फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
स्मोकिंग के अलावा कौन सी आदतें पहुंचाती हैं फेफड़ों को नुकसान?
के अनुसार, सिर्फ स्मोकिंग ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कुछ आदतें भी फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. अगर आप अक्सर दूसरे लोगों के सिगरेट या बीड़ी के धुएं के संपर्क में रहते हैं, तो इससे भी फेफड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा, ज्यादा प्रदूषण वाली जगहों पर लंबे समय तक रहना और घर के अंदर की खराब हवा भी फेफड़ों को प्रभावित कर सकती है. जिन घरों में हवा आनेजाने की व्यवस्था ठीक नहीं होती या खाना बनाते समय निकलने वाला धुआं बाहर नहीं निकल पाता, वहां भी फेफड़ों पर बुरा असर पड़ सकता है.
तेज केमिकल वाले क्लीनिंग प्रोडक्ट और एयरोसोल स्प्रे का ज्यादा इस्तेमाल भी नुकसान पहुंचा सकता है. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। अगर आप धूल या केमिकल वाली जगह पर बिना मास्क के काम करते हैं, तो इससे भी फेफड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है
शारीरिक एक्टिविटी की कमी की वजह से भी फेफड़े अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाते. यही कारण है कि स्मोकिंग न करने वाले लोगों में भी इन आदतों और आसपास के माहौल की वजह से फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए स्मोकिंग से दूर रहें और दूसरे लोगों के धुएं से भी बचने की कोशिश करें. जहां तक संभव हो, धूल, धुएं और ज्यादा प्रदूषण वाली जगहों पर जाने से बचें. अगर ऐसी जगह पर काम करना जरूरी हो, तो मास्क पहनें.
घर के अंदर साफ हवा बनाए रखें और धुआं फैलाने वाली चीजों का इस्तेमाल कम करें. रोज थोड़ी देर पैदल चलना, साइकिल चलाना या दूसरी शारीरिक एक्टिविटी करना भी फेफड़ों को मजबूत रखने में मदद कर सकता है. इसके साथ ही संतुलित खानपान लें और पर्याप्त पानी पिएं.
कौन से लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए?
अगर लगातार खांसी बनी रहे, सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में दर्द महसूस हो, सांस लेते समय आवाज आए या खांसते समय खून आए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके अलावा बारबार फेफड़ों में संक्रमण होना, बिना वजह थकान रहना या सांस फूलना भी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है.
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें. समय पर जांच और इलाज कराने से बीमारी का पता जल्दी चल सकता है और इलाज शुरू करने में आसानी होती है.



