हिमाचली खबर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पूर्वी गंगा नहर परियोजना के नाम पर ₹1500 करोड़ से अधिक का भारीभरकम बजट खर्च होने के बावजूद धरातल पर पानी की एकएक बूंद नजर नहीं आती. विभागीय लापरवाही और कागजी दावों की असलियत यह है कि इस भीषण गर्मी में पूर्वी गंगा की सारी नहरें, रजवाहे और माइनर पूरी तरह धूल फांक रहे हैं.

सूखी नहरों को लेकर बिजनौर में किसानों की चेतावनी, पानी नहीं पहुंचा तो करेंगे तालाबंदी​
सूखी नहरों को लेकर बिजनौर में किसानों की चेतावनी, पानी नहीं पहुंचा तो करेंगे तालाबंदी​

सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता शरद कुमार सिंह के नेतृत्व में चल रहे इस पूरे तंत्र पर अब किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है. गर्मी से फसलें चौपट हो चुकी हैं.

सूखी पड़ी हैं नहरें

किसान संगठनों का सीधा आरोप है कि नहरों तक पानी पहुंचाने की हर योजना पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई है, तो खेतों की सिंचाई कहां से हो? हर साल सिल्ट की सफाई और तलीझाड़ सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट ठिकाने लगा दिया जाता है, लेकिन धरातल पर नहरों में उगी लंबीलंबी घास और झाड़ियां साफ गवाही दे रही हैं कि सरकारी धन का बंदरबांट किस कदर हुआ है.

हालांकि, पूर्वी गंगा के चीफ इंजीनियर शरद कुमार सिंह ने बताया कि इस समय हरिद्वार गंगा में बारह हजार क्यूसेक पानी है. किसानों की फसलों को बचाने के लिए पूर्वी गंगा की नहरों में पंद्रह सौ क्यूसेक पानी छोड़ने की डिमांड भेजी गई है. प्रयास किया जाएगा कि जल्द ही पूर्वी गंगा की नहरों में भी पानी चलाया जाए.

क्या बोला सिंचाई विभाग?

भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर के कारण जब बिजनौर के किसानों के निजी नलकूप भी जवाब दे रहे हैं, तब मुख्य अभियंता कार्यालय की ओर से पानी छोड़ने को लेकर केवल तकनीकी बहानों का सहारा लिया जा रहा है. कभी खरीफ सीजन का नियम तो कभी गंगा नदी में सिल्ट की अधिक मात्रा का हवाला देकर नहरों के गेट बंद रखे जाते हैं.

किसानों का साफ कहना है कि यदि अरबों रुपये खर्च करने के बाद भी फसलें सूखने के वक्त पानी नहीं मिल सकता, तो ऐसे भारीभरकम विभागीय अमले और करोड़ों के बजट का क्या फायदा?

किसान संगठन आरपार के मूड में

बिजनौर के स्थानीय किसान नेता दिगंबर सिंह ने चेतावनी दी है कि मुख्य अभियंता शरद कुमार सिंह और सिंचाई विभाग की इस घोर बेरुखी के खिलाफ अब बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा. यदि समय रहते नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया और किसानों की फसलों को सूखने से नहीं बचाया गया, तो मुरादाबाद से लेकर बिजनौर तक सिंचाई विभाग के कार्यालयों का घेराव कर उग्र प्रदर्शन और तालाबंदी की जाएगी.

वहीं, यूपी के सिंचाई और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मिलकर बीजेपी नेता और सदर विधायक पति ऐश्वर्य मौसम चौधरी ने बिजनौर के किसानों की परेशानी बताते हुए पूर्वी गंगा की नहरों में पानी छुड़वाने की मांग की. विधायक की मांग पर सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ईएनसी और चीफ इंजीनियर को फसलों को बर्बाद होने से बचाने के लिए पूर्वी गंगा में पानी चलाने के निर्देश दे दिए हैं.