
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी (जेएसपी) को आगे चलाने के लिए संसाधन और पैसा जुटाने के लिए पार्टी के सुप्रीमो प्रशांत किशोर ने संपत्ति और कमाई दान करने से लेकर खुद से मिलने के लिए अघोषित फीस का ऐलान कर दिया है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि पैसे की कमी के कारण वो बिहार में व्यवस्था परिवर्तन के अपने आंदोलन को बंद नहीं होने देंगे और 15 जनवरी से जन सुराज पार्टी नए सिरे से अभियान शुरू करेगी। उन्होंने कहा है कि अब वो आगे सिर्फ उन लोगों से मुलाकात करेंगे, जो जन सुराज पार्टी को साल भर में कम से कम एक हजार रुपया का चंदा देंगे।
बिहार विधानसभा की 238 सीटों पर लड़ी जन सुराज पार्टी को 3.34 प्रतिशत वोट मिला, लेकिन वो एक भी सीट नहीं जीत पाई। 243 सीटों पर खड़े कैंडिडेट में 5 या तो बैठ गए या पर्चा रद्द हुआ। पार्टी 1 सीट पर दूसरे, 129 सीट पर तीसरे और 73 सीट पर चौथे नंबर पर रही। जन सुराज पार्टी को 35 सीटों पर जीत-हार के अंतर से ज्यादा वोट आया। चुनाव में पार्टी की हार को लेकर प्रशांत ने चंपारण के गांधी आश्रम में पश्चाताप के लिए 24 घंटे का उपवास रखा था। उपवास खत्म होने के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में ये सारे ऐलान किए।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 20 साल में उन्होंने जो भी चल-अचल संपत्ति अर्जित की है, जन सुराज पार्टी को दान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी सारी संपत्ति में दिल्ली का एक घर परिवार के लिए रख रहे हैं। प्रशांत ने इसके साथ ही आने वाले 5 साल में सलाहकार के काम से कमाई का 90 फीसदी हिस्सा भी जन सुराज पार्टी को डोनेट करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता 15 जनवरी से बिहार के एक-एक वार्ड में जाएंगे और सरकार के वादों के मुताबिक महिलाओं से 10 हजार और 2 लाख रुपये के फॉर्म भरवाकर जमा करवाएंगे।